मां बोली-हमें क्या पता था कि जिसे जन्म दी, वहीं अपने पिता को मार डालेगा
- नाती के साथ पत्नी मायके, रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही घटना की मिली जानकारी
संपत्ति के बंटवारे के लिए सबको घर बुलाई थी राधिका
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। बुजुर्ग होने के बाद राधिका देवी अपने पति हरिबंश के जीते जी संपत्ति सभी बेटों में बराबर देना चाहती थी। इसके लिए उसने खुद पहल कर परिवार के सभी सदस्यों को इकट्ठा कराई थी। उसे क्या पता था कि जिस संपत्ति को वह अपने बेटा को देना चाहती है, वही उसके पति का कातिल निकल जाएगा। ठेंगवल दूबे गांव की राधिका देवी (78) वर्ष पति की मौत के बाद शुक्रवार को बदहवास थी। आंख में आंसू लिए उसने बताया कि जिसे उंगली पकड़ कर चलना सिखाया, उसी ने पिता की ले ली जान। बताया कि उसकी तीन संतान हैं। बड़ा बेटा महिमा दूबे गूंगा बहरा है। दूसरे नंबर के बेटा मनोज दूबे अपने पिता की जगह पर तुलसीपुर में चीनी मील में नौकरी करता है। छोटा बेटा मुन्ना दूबे है, जिसकी कुछ वर्ष पूर्व शादी हो चुकी है। दोनों छोटे बेटे मुन्ना के साथ रहते हैं। इसके बावजूद संपत्ति को लेकर मनोज का परिवार अक्सर विवाद करता था। विवाद न हो, इसके लिए वह चाहती थीं कि हम दोनों के जीते जी संपत्ति सभी बेटों में बराबर दे दिया जाए। इसके लिए सभी को घर बुलाया गया था। उनके मायके मध्य प्रदेश के रीवां में शादी पड़ी थी, जिसमें मुझे शामिल होना था। अपने बड़े बेटे महिमा दूबे के बेटे अमित और विशाल के साथ मैं शुक्रवार की रात चौरीचौरा ट्रेन पकड़ने के लिए सलेमपुर पहुंची थीं। इसी बीच घर से फोन गया कि पति पर गड़ासा से वार कर मार दिया गया है। जब मैं घर लौटी तो देखा कि पति खून से लथपथ पड़े थे। मुझे क्या पता था कि संपत्ति को लेकर मेरा ही बेटा मेरे पति का कातिल बन जाएगा।
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मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मार रही है छापा
सलेमपुर। पिता की हत्या करने के बाद आरोपी मनोज दुबे घटना के बाद से ही फरार है। जबकि उसकी पत्नी व बेटी घर पर ही बदहवास अवस्था में पड़े हैं। जबकि कोतवाली पुलिस आरोपी के बेटे व गांव के बगल के एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस मौत की सूचना मिलने के बाद लगातार गांव में छापा मार रही है। लेकिन मुख्य आरोपी का पता नहीं चल रहा है। जिसे लेकर पुलिस परेशान है।
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हत्या के बाद गांव में सन्नाटा
बुजुर्ग की हत्या के बाद गांव में रात से ही सन्नाटा है। गांव के लोग घटना के बारे में बताना नहीं चाह रहे हैं। इस कारण अधिकांश लोग घर में ही दुबके हैं। लोग अपने अपने कार्य में व्यस्त हैं।
किस पर करें भरोसा, जब अपने ही निकले बेगाने
देवरिया। संपत्ति के लालच में बेटे ने पिता की हत्या कर दी। इससे पहले भी रिश्तों का कत्ल करने वाली वारदात जनपद में हो चुकी है। जिसमें अपने ही जान के दुश्मन निकल रहे हैं। किसी ने संपत्ति के लालच में तो किसी ने प्रेमिका के प्यार की दिवानगी में उसके पति की हत्या कर दी तो किसी ने मामूली बात को लेकर सगे भाई की हत्या कर दी। कुछ लोगों ने जिस पत्नी के साथ अग्नि को साक्षी मानकर पूरी जिदंगी साथ निभाने का वादा किया था लेकिन दहेज के वशीभूति पति ने पत्नी का गला घोट कर मौत के घाट उतार दिया।
भाई ने की भाई
डेढ़ साल पहले बरियापुर थाना क्षेत्र के सरैया गषांव निवासी बिजली निगम के कर्मचारी अरविंद यादव की हत्या उसके सगे छोटे भाई ने सिर पर रॉड से वार कर दिया। इतना ही नहीं कमरे के फर्श पर फैले खून को रात में धुलाई कर शव को बोरे में कस कर फेंक दिया।
- प्रेमी संग मिल कर पति को मार डाला
- तरकुलवा थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव निवासी जितेंद्र का शव गंडक नदी के किनारे मिला था। इस मामले में मृतक के भाई ने तहरीर दिया था। पुलिस ने मामले का खुलास किया तो पता चला कि पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कराने के बाद शव को नदी के किनारे फेंकवा दिया था।
- पति ने पत्नी को मार डाला
- सदर कोतवाली के तिलई बेलवा गांव में गुरुवार को रिंकी देवी की हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने पति पिंटू यादव पर मुकदमा दर्ज किया। पुलिस के अनुसार मामूली तकरार के बाद पति ने ही पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दिया था।