संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों ने डीएम से की शिकायत, संबंधित अधिकारियों पर लगाए कार्रवाई में शिथिलता के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। साहब! ग्रामसभा ने गांव में पक्की नाली का निर्माण कराया है। उसी के सहारे कई घरों के नाबदान का पानी बहता था। छह माह से कुछ दबंगों ने नाली भर दिया है। हम लोगों की जल निकासी नहीं हो पा रही है। दरवाजे पर जलभराव हो रहा है। एसडीएम से गुहार लगा चुका हूं, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह पीड़ा रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के डिघवा निवासी रामप्रवेश यादव ने शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से बयां की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
करीब डेढ़ माह बाद आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी समस्या लेकर सुबह नौ बजे से ही फरियादी तहसील परिसर में पहुंच गए थे। 10 बजे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह व एसपी संकल्प शर्मा के पहुंचने पर मामलों की सुनवाई शुरू हुई। इसमें ज्यादातर मामले नाली, भूमि विवाद से संबंधित थे। विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों का निपटारा किया गया।
दबंग नहीं मान रहे लेखपाल की पैमाइश तरकुलवा थानाक्षेत्र के कोन्हवलिया गांव निवासी रामानंद का कहना था कि मैं खुद की जमीन पर मकान बनवा रहा हूं। छह माह से दबंग मेरे मकान का निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। विवाद के निपटारे के लिए मैने लेखपाल से जमीन की पैमाइश भी कराया उसे दबंग मान नहीं रहे। मकान का निर्माण कार्य ठप हो गया है। तरकुलवा एसओ मामले में रूचि नहीं दिखा रहे। उन्हें कार्रवाई के लिए निर्देश किया जाए ताकि मेरे मकान का निर्माण पूरा हो सके।
दिव्यांगता सर्टिफिकेट रिन्यूअल नहीं कर रहे जिम्मेदार
रामपुर कारखाना निवासी जितेंद्र चौहान का कहना था कि एक साल पूर्व मैं सदर तहसीलदार की गाड़ी चलाता था। व्यक्तिगत काम के लिए कहीं जा रहा था इसी दौरान मेरा एक्सीडेंट हो गया। हाथ और पैर से दिव्यांग हो गया हूं। दिव्यांगता सर्टिफिकेट का रिन्यूअल कराने के लिए एक माह से भटक रहा हूं। कोई न कोई कमी दिखाकर विभाग के लोग टाल दे रहे हैं।
दो बार आ चुकी नहीं मिला न्याय
बघौचघाट थाना क्षेत्र के रामपुर बहुआरी गांव निवासी हुसनेआरा का कहना था कि दो बार संपूर्ण समाधान दिवस में आ चुकी हूं, अभी तक मुझे न्याय नहीं मिल पाया है। गांव के दबंग मेरे डीह भूमि पर कब्जा जमा रहे हैं। मना करने पर मारने-पीटने लगते हैं। थाने पर कई बार गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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