देवरिया। साइबर ठगी होने के बाद पूरी रकम वापस मिलना आसान नहीं होता है मगरसमय से शिकायत करने पर रुपये बचने की संभावना बढ़ जाती है। जिले में हाल के कई मामलों में साइबर थाना और स्थानीय पुलिस ने ठगी की रकम दूसरे खातों में पहुंचने के बाद उसे होल्ड करा दिया। कुछ मामलों में पूरी रकम पीड़ितों को वापस भी मिल गई।
चार मामलों में ही 36 लाख रुपये से अधिक की रकम सुरक्षित कराने या वापस दिलाने की कार्रवाई सामने आई है। साइबर ठगी में अक्सर रकम एक से दूसरे खाते में भेजी जाती है।
शिकायत समय से मिलने पर पुलिस संबंधित बैंक से संपर्क कर खाते में मौजूद रकम पर होल्ड करवा देती है। इससे आरोपी रुपये नहीं निकाल पाते हैं। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराई जाती है। एआर इंफ्राहाइट्स से हुई 35.72 लाख रुपये की ठगी में 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स, देवरिया के खाते में पहुंचने के बाद सुरक्षित करा लिए गए।
लैब टेक्नीशियन दिनेश्वर मिश्र से हुई 2.46 लाख रुपये की ठगी में 1.15 लाख रुपये होल्ड कराए गए। बरहज क्षेत्र के धनंजय चौबे के खाते से साइबर ठगों ने 82 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई से पूरी रकम वापस करा दी गई। खुखुंदू थाना क्षेत्र की रेनू देवी के खाते से 50 हजार रुपये ट्रांसफर होने के बाद साइबर सेल ने रकम होल्ड कराई और बाद में पूरी रकम वापस करा दी। इन मामलों से यह साफ है कि साइबर ठगी के बाद तत्काल शिकायत करना महत्वपूर्ण है। रकम यदि अगले खातों से निकाल ली गई तो उसे वापस कराना मुश्किल हो सकता है मगर खाते में मौजूद होने पर पुलिस और बैंक की त्वरित कार्रवाई से उसे होल्ड कराया जा सकता है।