सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात रखतीं राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम। स्रोत-सोशल मीडिया
देवरिया। मनोकामनापूर्ण हनुमान मंदिर के जमीन का विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। बुधवार को राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने लखनऊ में सीएम से मुलाकात की। मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखा। राज्यमंत्री ने कहा कि मैं मंदिर विरोधी नहीं हूं।
उन्होंने कहा कि सीएम से मिलकर मैंने जमीन के मामले में अपनी बात रखी है। प्रशासन की कार्रवाई से मुझे एतराज नहीं है। प्रशासन ने अपना काम किया है। एसडीएम कोर्ट में अपना पक्ष साक्ष्य के साथ रखा जाएगा। राज्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के पास मेरी पुश्तैनी जमीन है। वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में पिछले 24 घंटे से भारी पुलिस बल तैनात है।
मंगलवार को मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास और समर्थकों ने जमीन पर हो रहे निर्माण को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम पर कब्जे का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने निर्माणाधीन गेट को सील कर भूमि जब्त कर ली। मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास का कहना है कि मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम दबाव डालकर मंदिर की जमीन पर बाउंड्री और गेट बनवा रही हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन से कई बार पैमाइश की मांग के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया, जिससे मजबूर होकर धरना देना पड़ा। महंत का कहना है कि मंदिर के नाम पर करीब तीन एकड़ 10 डिसमिल भूमि दर्ज है।
दोनों पक्षों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने बताया कि विवादित भूमि को जब्त कर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया है। दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि पैमाइश और अभिलेखीय प्रमाणों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।