देवरिया। संत विनोबा पीजी कॉलेज में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश में को लेकर अनियमितता किए जाने के आरोपों की जांच अब गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन करेगा। जिलाधिकारी की ओर से इस संबंध में वहां के कुलसचिव को पत्र लिखा गया है। वहीं प्रबंधक की ओर से गठित पांच सदस्यीय टीम के जांच पर रोक लगा दी गई है।
संत विनोबा पीजी कॉलेज में विधि प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रकरण में उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।चार दिन पहले एडीएम प्रशासन के एक पत्र का हवाला देते हुए यहां के प्रबंधन ने प्राचार्य व प्रवेश समिति पर मनमानी किए जाने के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था।
समिति को 21 दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी थी। इसी बीच मामले में एक नया मोड़ तब आ गया तब प्राचार्य और प्रवेश समिति से जुड़े लोगों ने इस मामले से जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और इसमें कॉलेज के किसी शिक्षक को न शामिल करते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से प्रबंधन की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति की जांच पर रोक लगा दी गई है। उधर इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से कुलसचिव गोरखपुर विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है।
प्राचार्य प्रो.अर्जुन मिश्र ने कहा कि विधि प्रथम वर्ष में 132 सीटों से शेष बची एक सीट पर भी प्रवेश कार्य पूरा कर लिया गया है। कॉलेज के पूर्व छात्रों के आरोपों की जांच के लिए जिला प्रशासन से मिल निष्पक्ष जांच कराने एवं इसमें कॉलेज के किसी शिक्षक को शामिल न करने की मांग की गई थी।
इस मामले में जिला प्रशासन की ओर गोरखपुर विवि के कुलसचिव को पत्र लिखा गया है। प्रबंधन की ओर से गठित जांच समिति में सभी शिक्षक कॉलेज के थे, ऐसे में जांच प्रभावित होने की संभावना होती। विश्वविद्यालय की ओर से मामले की जांच की जाती है तो प्रवेश समिति सभी उपलक्ष्य साक्ष्यों से उन्हें अवगत कराएगी।