बघौचघाट/भटनी। क्षेत्र में करीब 17 वर्षों से अधर में लटकी हथुआ-भटनी रेल लाइन की परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। 48.64 किलोमीटर लंबे इस रेल खंड के लिए बिहार के गोपालगंज जिले में भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा कर हो चुका है। देवरिया में विरोध के चलते कार्य ठप है। गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया। वहीं भोरे के विधायक व बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री अनिल कुमार ने बिहार विधानसभा में भी मुद्दा उठाया है।
यह परियोजना लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए 2005-06 में स्वीकृत करते हुए शिलान्यास भी किया था। वर्ष 2007 में बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड के बखरिया गांव के पास पहला पुल और विजयीपुर प्रखंड के चखनी घाट पर दूसरा पुल बनना शुरू हुआ था। इस परियोजना पर अब तक 277.13 करोड़ रुपये खर्च भी किए जा चुके हैं। लगभग 31 किलोमीटर तक रेल लाइन से जुड़े अधिकांश कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने बीते बृहस्पतिवार को लोकसभा में भी हथुआ-भटनी रेल लाइन के अधूरे कार्य को पूरा कराने की मांग की थी। वहीं भोर के विधायक व बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री अनिल कुमार ने भी अपने सदन में इसे उठाते हुए इस पर यूपी सरकार से मदद की अपील कर मामले को गरमा दिया है।