दिल्ली से पैदल आ रहे लोगों को देवरिया पहुंचने भोजना कराया गया।
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दुश्वारियों का सफर, भूखे-प्यासे लौट रहे घर
देवरिया। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो मुंबई, गुजरात, दिल्ली, केरल से लोग घर भागने लगे। इसी बीच 21 दिन का लॉकडाउन होने से जो जहां था वहीं फंस गया। जिसे ट्रेन, बस एवं अन्य साधन मिला तो वे पहुंच गए, बाकी फंस गए। उनके सामने भोजन का संकट पैदा हो गया। ऐसे में हजारों की संख्या में लोग पैदल ही अपने घरों को निकल पड़े। कोई रेलवे लाइन पकड़कर निकला तो कोई बच्चों को गोद में लेकर पैदल ही परिवार के साथ चल पड़ा। ऐसे लोगों को रास्ते में पुलिस ने जगह-जगह रोका जरूर, लेकिन उन्होंने जब भोजन और रकम नहीं होने का हवाला दिया तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। घर जाने के लिए लोग 300 से 500 किमी की पैदल दूरी तय कर रहे है। कहीं ट्रक, बस मिल गया तो उनकी दूरी कम हो गई। प्राइवेट वाहन ऐसे लोगों को लिफ्ट नहीं दे रहे हैं।
उधर, गोरखपुर और दिल्ली से पैदल आ रहे राहगीरों को बैतालपुर पुलिस चौकी पर दरोगा और पुरवा चौराहा पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भोजन कराया। हेल्थ चेकअप के बाद जाने दिया गया। राजस्थान जाने और लखनऊ से आने वाले का सहायता लोगों ने किया। सिवान जिले के रघुनाथपुर थानाक्षेत्र के अमवारी गांव निवासी अजय सिंह, धीरज सिंह और रंजीत सिंह दिल्ली के एक कंपनी में पाइप फीटर का काम करते हैं। लॉकडाउन के कारण वह दिल्ली में फंस गए थे और घर आने के लिए परेशान थे। आनंद बिहार से ट्रक से किसी तरह शनिवार सुबह गोरखपुर पहुंचे। कोई साधन नहीं मिलने पर तीनों पैदल चल पडे़। बैतालपुर चौकी पर मौजूद चौकी इंचार्ज राकेश पांडेय ने युवकों को रोका और उन्हें भोजन कराया। कुछ देर आराम करने के बाद युवक गंतव्य को निकल पड़े। मैरवा के रहने वाले श्रीराम, सुनील और विवेक दिल्ली से 26 मार्च को पैदल चले। बरेली तक आए थे तो एक ट्रक मिल गया, ट्रक से लखनऊ आए, लखनऊ से टैंकर में छिपकर गोरखपुर बस्ती पहुंचे। बस्ती से तीनों युवक पैदल घर जा रहे थे। पुरवा चौराहा पर लोगों ने इन्हें रोका और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिया। डॉक्टरों ने टीम ने इनका स्क्रीनिंग किया। सब कुछ ठीक मिला। प्रसन्न श्रीवास्तव ने तीनों युवकों को भोजन कराया। वहीं देवरिया से राजस्थान जा रहे गोपाल, धनश्याम, संपत्ति और हीरा को लोगों ने ठौर दिया और दोनों वक्त भोजन कराने की बात कहीं। यह लोग रूके हुए हैं। लखनऊ से पैदल आ रहे बलिया व भोजपुर जिले के मनीष चौहान को भी लोगों ने भोजन कराया। रेडक्रॉस सोसायटी के रविकांत मणि भी युवकों के साथ शहर में भ्रमण कर ठहरे हुए लोगों को भोजन कराया।