देवरिया। लार ब्लॉक के कुंडौली स्थित पशु आश्रय केंद्र में गोवंशों की मौत को जिला पंचायत के अफसर भूख नहीं बल्कि आपसी लड़ाई मान रहे हैं।
जिला पंचाय के अपर मुख्य अधिकारी ने जो जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है, उसमें केवल दो गोवंश की मौत का जिक्र है। जांच रिपोर्ट के अनुसार केंद्र में सारी व्यवस्थाएं एकदम दुरुस्त हैं। कुंडौली के पशु आश्रय केंद्र का केयरटेकर पिछले सप्ताह बिना बताए ही कहीं चला गया था। कई दिन से भूख-प्यास से बेहाल पशुओं की मौत होने लगी। दुर्गंध चौराहे तक आने लगी, तब गांव के लोगों ने इसकी सूचना रविवार को अफसरों को दी थी।
ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन में 13 बछड़ों की मौत हुई है, जिन्हें सफाईकर्मियों ने अलग-अलग जगह ले जाकर दफना दिया।
इस पशु आश्रय केंद्र का संचालन जिला पंचायत की तरफ से कराया जाता है। मामला चर्चा में आने के बाद सोमवार को जिला पंचायत के अफसर मौके पर पहुंचे और परिसर की साफ-सफाई कराई गई। सोमवार को मामला डीएम तक पहुंचा। इससे संबंधित खबर भी मंगलवार के अंक में अखबारों में प्रकाशित हुई।
उसी दिन जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह जांच करने गो आश्रय केंद्र पर पहुंचे और परिसर में व्याप्त अव्यवस्था के लिए केंद्र के प्रभारी और जिला पंचायत के राजस्व निरीक्षक पारसनाथ दूबे को निलंबित कर।
उन्होंने परिसर में नाली निर्माण समेत अन्य कमियों को दुरुस्त कराने के लिए जिला पंचायत के जूनियर इंजीनियर को निर्देश दिए थे।