देवरिया। अब्दुल गनी शाह शरीफ मजार व कब्रिस्तान को हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। सोमवार को न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने मजार की तरफ से दाखिल याचिका को खारिज करते हुए अधीनस्थ कोर्ट में पक्ष रखने का आदेश दिया है। अब्दुल गनी शाह मजार की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह मांग की गई थी कि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रथम द्वारा दी गई एक सितंबर का नोटिस निरस्त कर मजार के पक्ष में स्थगन आदेश पारित किया जाए । याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा कि केवल नोटिस दे देने से कोई क्षति नहीं हो रही है ।याचिका कर्ता अपना तर्क व साक्ष्य अधीनस्थ न्यायालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। ऐसी स्थिति में याचिका औचित्य विहीन होने के कारण निरस्त की जाती है। संवाद