पैकौली। ओमान में अमेरिकी बम हमले में जान गंवाने वाले सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया के शव को लेकर परिवार को राहत मिली है। भारतीय दूतावास ने अब शव को सीधे गोरखपुर एयरपोर्ट भेजने पर सहमति दे दी है। इससे पहले शव को दूतावास से मस्कट से मुंबई और फिर लखनऊ भेजने की तैयारी थी, मगर शिवानंद के छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया के आग्रह पर दूतावास ने व्यवस्था में बदलाव कर दिया।
रामप्रवेश भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि शव को गोरखपुर एयरपोर्ट भेजा जाए, जिससे कम समय में शव घर पहुंच जाएगा और परिवार को अंतिम संस्कार की तैयारियों में कम समय लगेगा। दूतावास ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब शव मस्कट से हवाई मार्ग के जरिये गोरखपुर पहुंचाया जाएगा।
10 जून को ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक जहाज पर हुए अमेरिकी बम हमले में शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई थी। घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
परिवार अब शिवानंद के शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिवानंद मिलनसार और मेहनती युवक वा। उनकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों को उम्मीद है कि शव जल्द गोरखपुर पहुंच जाएगा, जिससे वे अपने बेटे का अंतिम दर्शन कर सकेंगे और पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दे सकेंगे।