देवरिया। जिले के 179 केंद्रों पर बुधवार की शाम बोर्ड परीक्षा संपन्न हो गई। एक केंद्र से दो मुन्ना भाई पकड़े जाने के मामले को छोड़ दें तो किसी भी केंद्र से इस बार एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया। सख्ती का ही असर रहा कि इस बार 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराने के बाद प्रमुख विषयों के प्रश्न पत्रों की परीक्षा में भाग नहीं लिया। बुधवार को द्वितीय पाली में इंटर के अंग्रेजी में भी 5037 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। बोर्ड परीक्षा में जनपद से इस बार 126159 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें हाईस्कूल में 59176 एवं इंटर में 66983 शामिल रहे। शासन की ओर से भी जिले को प्रदेश के उन 16 जिलों में शामिल किया गया था, जो नकल के लिए संवेदनशील सूची में रहा। ऐसे में यहां केंद्रों की मानीटरिंग को लेकर सीसीटीवी कैमरे की मदद से जिला स्तरीय कंट्रोल रुम से स्ट्रांग रुम से लेकर परीक्षा कक्षों की चुस्त दुरुस्त ऑनलाइन निगरानी की गई। नेट की थोड़ी बहुत समस्या को छोड़ दें तो हर केंद्र की 24 घंटे निगरानी की गई। वहां के एक-एक गतिविधियों व हलचल की सूचना केंद्राध्यक्षों को दी गई। इसी का परिणाम रहा कि 24 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च तक दो पालियों में संपन्न हुई परीक्षा के दौरान एक भी नकलची नहीं पकड़ा जा सका। हालांकि एक मार्च को खुखुंदू थाना क्षेत्र के बलदेव स्वामी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय बैरौना में प्रथम पाली में हाईस्कूल गणित के प्रश्न पत्र के दौरान केंद्र व्यवस्थापक जंग शेर सिंह ने दो मुन्ना भाईयों को दूसरे परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। इसके बाद तत्काल पुलिस को मौके पर बुला दोनों को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई भी की। गिरफ्तार दो मुन्ना भाईयों में एक बाल अपचारी भी शामिल रहा था। डीआईओएस शिवनारायण सिंह ने बुधवार को बताया कि 24 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च तक जिले के 179 केंद्रों पर यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न हुई है। हाईस्कूल व इंटर दोनो मिलाकर कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों के सापेक्ष 10 प्रतिशत से अधिक यानि 10 हजार से ज्यादा ने इसमें हिस्सा ही नहीं लिया।