देवरिया। देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर शहर से सटे सोनूघाट चौराहे पर नाले का गंदा पानी फैलने से संक्रामक व मच्छर जनित बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं पानी फैलने से राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात में गुजरते समय लोग गिरकर घायल हो जा रहे हैं। वहीं, दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी सुधि नहीं ले रहे हैं।
सोनूघाट चौराहे पर दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण के साथ नाले का भी जीर्णोद्धार कराया, लेकिन नाले को आगे न बढ़ाकर बीच में ही छोड़ दिया गया। दुकानदार नाले को पाटने में लग गए। अब नाले का पानी का निकास न होने के कारण सड़कों पर फैल गया है। पानी का जमाव सड़कों पर होने से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। राहगीर रात के अंधेरे में गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत जिले के अधिकारियों से की, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं जहां पर जलभराव है उसके ठीक बगल में प्राथमिक विद्यालय है। इसमें करीब डेढ़ सौ बच्चों को संक्रमण फैलने का खतरा है। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने बीएसए को दूरभाष से दे दी है।
कपड़ा व्यवसायी ध्रुव जायसवाल का कहना है कि नाले का गंदा पानी फैलने व दुर्गंध से ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। इससे व्यवसाय पर असर पड़ा है। पूर्व प्रधान एवं सहकारी संघ सोनूघाट के अध्यक्ष इंद्रजीत यादव का कहना है कि कि उनके गोदाम के सामने गंदा पानी लगने से बैठना दूभर हो गया है। दुर्गेश यादव का कहना है कि सड़क की दोनों पटरी पर जलभराव के कारण चौराहे पर जाने से आमजन कतरा रहा है। सोनूघाट निवासी रामायण यादव का कहना है कि सड़क को देखने से ही डबल इंजन की सरकार का विकास कार्य धरातल पर दिख रहा है। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक नीलम वर्मा ने बताया कि इस समस्या की शिकायत की गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। वहीं समस्या का समाधान जल्द न होने पर चौराहे के व्यवसायी धरना व प्रदर्शन करने की रणनीति भी बना रहे हैं।