देवरिया। जिला कारागार में बंद कुशीनगर निवासी 80 वर्षीय विचाराधीन बंदी हकीक अंसारी की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। जेल प्रशासन ने इसके लिए सिफारिश की है। डीएम की ओर से मजिस्ट्रेट नामित किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद इससे संबंधित रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भी भेजी जाएगी। हकीक की बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। उनके बेटे मेराज ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। कुशीनगर जिले के चौरा खास थाना क्षेत्र के भटवा गांव निवासी हकीक अंसारी अपने भाई रफीक अंसारी के साथ धोखाधड़ी, कूटरचना और जमीन से जुड़े मामले में जिला कारागार में विचाराधीन बंदी था।
दोनों भाइयों पर पहले बेची गई जमीन को दोबारा बेचने का आरोप था। हकीक लंबे समय से उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित था। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे उनकी तबीयत बिगड़ गई। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां दोपहर करीब दो बजे उनकी मौत हो गई थी।