देवरिया। सलेमपुर क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद फरार हुए बदमाशों की तलाश में एसटीएफ की एक टीम नेपाल सीमा तक पहुंच गई है। आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ के दौरान भाग निकले तीनों बदमाश नेपाल में छिपे हो सकते हैं। एसटीएफ इस मामले में साजिशकर्ता बताए गए सूरज गौड़ की तलाश में है। सूरज पहले भी नेपाल जा चुका है।
सलेमपुर के एक ईंट-भट्ठा कारोबारी के अपहरण व फिरौती की साजिश रचते हुए बदमाशों का एक गैंग सलेमपुर कस्बे में पहुंचा। इसमें दो शातिर मऊ जिले के भी थे, जिनके लोकेशन को एसटीएफ पहले से ही ट्रेस कर रही थी। अचानक इस गैंग से जुड़े गुर्गाें की सक्रियता देवरिया और मऊ जिले के बॉर्डर पर होता देखकर एसटीएफ ने इनकी घेराबंदी। इस दौरान हुई मुठभेड़ में मऊ जिले के दो और देवरिया जिले के एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अन्य बदमाश भाग निकले थे। अगले दिन उसमें से एक बदमाश को देवरिया कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। अभी भी तीन बदमाश एसटीएफ की पकड़ से दूर हैं। घटना के बाद से ही एसटीएफ की टीम इन बदमाशों का सुराग जुटाने में लगी है।
एसटीएफ ने इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड सूरज गौड़ को बताया है, जिसकी विशेष तौर पर तलाश है। एसटीएफ के पास इस बात की पुख्ता जानकारी है कि सूरज नेपाल में छिपा हुआ है। वहां पहले भी वारदात के बाद अपराधी छिपते रहे हैं। सलेमपुर में भी ईंट भट़्ठा कारोबारी का अपहरण करने के बाद नेपाल ले जाकर ही फिरौती वसूलने की तैयारी थी।
पशु तस्करों के भी पीछे लगी है एसटीएफ
सलेमपुर से भागे बदमाशों के अलावा एसटीएफ की एक टीम देवरिया और मऊ जिले के बॉर्डर पर पशु तस्करों पर भी नजर रखे हुए है। सूत्रों ने बताया कि आजमगढ़-जौनपुर की तरफ से आ रहे तस्कर देवरिया जिले को पार करते हुए बिहार के सिवान जिले तक पशु और शराब की तस्करी करा रहे हैं। तस्करों के इस नेटवर्क में कई बड़े अपराधियों के भी शामिल होने की आशंका है। इसीलिए बॉर्डर पर एसटीएफ करीब 10 दिन से अपना जाल बिछाए किसी बड़े शिकार की तलाश में घूम रही है।