सलेमपुर। ब्लॉक के नए भवन निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। टेंडर मिलने वाली एक फर्म के संचालक की अपील पर हाईकोर्ट ने तीसरी बार हुई टेंडर खोलने पर रोक लगा दी है, जिससे पूरी प्रक्रिया एक बार फिर अधर में लटक गई है।
सलेमपुर ब्लॉक क्षेत्र में 92 ग्राम पंचायतें हैं। वर्तमान में ब्लॉक मुख्यालय पर जगह की कमी के चलते लोगों को परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए सोहनाग धाम से सटे ग्राम पंचायत तिलौली में नए ब्लॉक भवन के लिए भूमि चिन्हित की गई थी। राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की पहल पर शासन ने सलेमपुर ब्लॉक के नए भवन के लिए धन जारी कर दिया था। जिसके बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। पहले चरण में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जय बजरंग इंटरप्राइजेज को निर्माण कार्य का जिम्मा दिया गया था। इसकी जानकारी होने पर राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने 26 अगस्त को शासन को पत्र लिखकर फर्म और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम्य विकास विभाग के विशेष सचिव जयनाथ यादव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच में यह पाया गया कि जेपीएस कंस्ट्रक्शन और जय बजरंग इंटरप्राइजेज द्वारा प्रस्तुत तकनीकी प्रपत्रों में कमियां थीं, जिसके चलते दोनों फर्मों को नॉन-रिस्पांसिव घोषित कर दिया गया। इसके बाद शासन ने टेंडर निरस्त कर दिया। दूसरे चरण में पुनः टेंडर आमंत्रित किए गए, जिसमें पांच फर्मों ने हिस्सा लिया, लेकिन विभाग ने बिना टेंडर खोले ही प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। इसे लेकर विभागीय मंशा पर सवाल उठने लगे। चर्चा होने लगी कि विभाग किसी खास फर्म को टेंडर देना चाहता है, लेकिन अन्य ठेकेदार अड़चन बने हुए हैं। इसके बाद तीसरी बार 30 अक्तूबर को निविदा जारी की गई है, जिसकी अंतिम तिथि 10 नवंबर तय की गई और 11 नवंबर को टेंडर खोला जाना था। इसी बीच पहले राउंड में टेंडर मिलने वाली फर्म जय बजरंग इंटरप्राइजेज के संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी, अपने फर्म को सही बताते हुए पहले टेंडर को ही खुलवाने के लिए गुहार लगाई। जिस पर अदालत ने तीसरी बार हुई टेंडर खोलने पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट में मामले जाने के बाद ब्लॉक के नए भवन के निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग गोरखपुर दिलीप कुमार शुक्ला ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।