सलेमपुर। ओडिशा में ठेका दिलाने के एवज में 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में ठेंगवल दूबे गांव में छापा मारने वाली सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो लखनऊ टीम आरोपी प्रोजेक्ट मैनेजर के भाई व शिक्षक पवन दूबे को भी अपने साथ लेकर गई है।
इसकी जानकारी के बाद बीईओ ने तेलियां कला प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर से पूरी रिपोर्ट मांगी है। सहायक अध्यापक पवन दूबे इसी विद्यालय में तैनात है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर ही विभागीय कार्रवाई होगी।
सीबीआई की कार्रवाई में कोतवाली क्षेत्र के ठेंगवल दुबे गांव निवासी पंकज दुबे, बिचौलिया राहुल वर्मा, राजेश कुमार और ड्राइवर शुभम पाल आरोपी हैं। सूत्रों का कहना है कि हवाला के माध्यम से प्राप्त धनराशि को पंकज दुबे अपने बड़े भाई व शिक्षक पवन दुबे के पास भेजता था। आरोप है कि पवन इससे स्थायी संपत्ति खरीद रहा था। पंकज दुबे वाप्कोस कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत है। ओडिशा में 11.81 करोड़ रुपये की इमली प्रसंस्करण इकाई का ठेका 13 जनवरी 2026 को इकाना इंटरप्राइज के प्रोपराइटर बबलू सिंह यादव को दिलाया गया था।
आरोप है कि इस ठेके के एवज में करीब एक करोड़ रुपये की रिश्वत वसूली जानी थी। शनिवार को 10 लाख रुपये की एक किस्त बिचौलियों के माध्यम से दिया गया, तभी सीबीआई टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। उसके बाद सीबीआई टीम ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी और आशियाना क्षेत्र में चार स्थानों पर छापा मारा था। वहां से कार्रवाई के बाद आधी रात को सलेमपुर क्षेत्र के ठेंगवल दुबे गांव स्थित पैतृक घर से जमीन के बैनामे से संबंधित कागजात जब्त किए गए। टीम शिक्षक पवन दुबे को भी अपने साथ ले गई। इसकी जानकारी मिलते ही बीईओ भागलपुर सूरज कुमार ने प्राथमिक विद्यालय तेलिया कला के प्रधानाध्यापक मुन्नीलाल को फोन कर विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए। रविवार को पैतृक गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।