देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग हेल्पलाइन यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन नेट ब्यूरो से रैगिंग की शिकायत जांच में झूठी निकली। यहां गठित एंटी रैगिंग टीम के सदस्यों ने एमबीबीएस प्रथम की छात्राओं से पूछताछ की, लेकिन किसी ने शिकायत की पुष्टि नहीं की। साथ ही सीनियर छात्रा को धमकाने का काल फेंक निकला। इसके बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। टीम में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी, चिकित्सा शिक्षक सहित अन्य लोग शामिल रहे। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग को लेकर एंटी रैगिंग हेल्पलाइन यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन नेट ब्यूरो के सुपरवाइजर प्रथम से शिकायत की सूचना मिलने पर शुक्रवार को खलबली मच गई थी। इसमें सीनियर छात्रों के 19 जनवरी की रात एमबीबीएस प्रथम की छात्रा से रैगिंग करने की किसी ने शिकायत की थी। इसमें परिचय प्राप्त करने के बाद रैगिंग की गई।
इसमें जबरन डांस कराने के लिए दबाव बनाया गया, जिससे उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं होने की बात कही गई थी। वहीं सीनियर छात्रा के फोन पर अज्ञात व्यक्ति के धमकी देते हुए रैगिंग से प्रथम वर्ष की छात्रा की मानसिक हालत ठीक नहीं होने की बात कही गई। इसकी सूचना सीनियर छात्रा ने परिजनों को दी। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राचार्य ने छानबीन शुरू कराई। कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य एडीएम प्रशासन, सीओ सिटी, बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. वीरेंद्र मणि त्रिपाठी के अलावा विभिन्न विभागों के अध्यक्ष व चिकित्सा शिक्षक सहित पंद्रह में से करीब बारह सदस्यों ने जांच की। टीम ने छात्र-छात्राओं के एक-एक प्रतिनिधि से करीब एक घंटे बैठक की। इसमें सीनियर छात्रा की बातचीत को दर्ज किया गया। पुष्टि के लिए नंबर पर काल करने पर फेंक निकला। इसके बाद एमबीबीएस प्रथम वर्ष की 40 छात्राओं से कमेटी ने अलग से बात की तो किसी ने रैगिंग नहीं होने की बात कही। शिकायत की बात निराधार है। जांच व पूछताछ के बाद शिकायत की पुष्टि नहीं हुई और मामला झूठा निकला।