सूबेदार के गहिला आवास पर उमड़ी भीड़्
रुद्रपुर। सरोजनी के सामने पति सत्यवान सिंह, भसुर रामसमुझ और इकलौते बेटे गौरव के शव थे। वह कभी पति को गले लगाकर रोतीं तो कभी बेटे को आवाज देकर कहतीं-उठो गौरव...मगर हादसे ने मां की पुकार अनसुनी कर दी। जिस घर में अपनों के लौटने का इंतजार था, वहां सोमवार को एक साथ तीन अपनों की अंतिम विदाई हो रही थी।
इकलौते बेटे गौरव का शव मां के सामने था। पति सत्यवान और भसुर रामसमुझ का शव भी एक साथ देख सरोजनी दहाड़े मारकर रो पड़ीं। वह कभी पति के शव से लिपटती तो कभी बेटे को पुकारती। परिवार की महिलाओं की करुण चित्कार सुनकर मौजूद लोगों का कलेजा कांप उठा।
सत्यवान सेना में सूबेदार थे। चंडीगढ़ के अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत के बाद परिजन रविवार को उनका पार्थिव शरीर लेकर घर लौट रहे थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई।
हादसे में सत्यवान के भाई रामसमुझ, इकलौते बेटे गौरव, नगर के भरटोला वार्ड के सभासद राजन चौधरी और चालक जसपाल सिंह की भी मौत हो गई थी।
एक ही हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। सोमवार की अलसुबह जब तीनों के शव गांव लाए गए तो हर कोई असहनीय पीड़ा से ग्रसित नजर आया। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान गांव में सन्नाटा पसरा रहा। तीनों अर्थियां एक साथ उठीं तो घरवालों का धैर्य जवाब दे गया।