लार। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार किशोरी के पिता वारदात प्रकाश में आने के बाद घर पहुंचे। आरोपियों की करतूत सुनकर स्तब्ध रह गए। दोपहर में कुछ देर बाद बोले कि दरिंदों ने बेटी का जीवन बर्बाद कर दिया।
सभी को सख्त सजा दिलाने के लिए न्याय व्यवस्था से अपील करूंगा। ताकि भविष्य में ऐसी वारदात किसी के साथ ना हो। वहीं गांव वाले भी आरोपियों की करतूतों से रोष में हैं।
लार थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी अपनी मां के साथ रहती है। पिता परिवार का भरण पोषण करने के लिए बाहर रह कर काम करते हैं।
परिजनों के मुताबिक गांव के ही रहने वाले एक बालिग और तीन किशोरों ने नवंबर माह में लड्डू में नशीला पदार्थ खिला अगवाकर एक आरोपी के घर लेकर चले गए। जहां सभी ने सामूहिक दुष्कर्म किया। 31 जनवरी की रात किशोरी को पेट दर्द हुआ तो परिजन एक अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसकी सूचना पत्नी ने पति को फोन पर दी। घर पहुंचे पिता दरिंदों की करतूत की कहानी सुन सन्न रह गए। उन्होंने बताया कि नवंबर माह से ही बेटी की मानसिक हालत खराब थी।
वह डरी हुई थी। पत्नी उसके घर में उदास रहने की बात बताती थी। हमने भी फोन पर बात कर उससे उदास रहने का कारण पूछा तो कुछ भी नहीं बता रही थी।
गर्भवती होने की बात सामने आई तो बताया कि परिवार की इज्जत गांव समाज में खराब ना हो, इसलिए इस बात को टाल दे रही थी। उसने यह भी बताया कि आरोपियों ने घर जाकर परिजनों से कुछ भी बताने को लेकर धमकाया था, जिसके वजह से वह इतने दिनों तक चुप रही। मां ने कहा कि बेटी अवसाद में है। घटना को याद कर वह बेहोश हो जा रही है। आरोपियों ने हैवानियत की है। इन्हें कठोर सजा दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगी। तभी हमारी बेटी को न्याय मिल सकेगा। हमें न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन पर भरोसा है।