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Deoria News: निजी अस्पताल से दलाल ने बिकवा दिया बच्चा, पुलिस तक पहुंचा मामला तो हुआ वापस

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-दो घंटे पंचायत के बाद लार पुलिस ने वापस कराया बच्चा, दलालों पर नहीं हुई कार्रवाई
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-लार नगर की रहने वाली है महिला, सलेमपुर के दंपत्ति ने 20 हजार में खरीदा था बच्चा

संवाद न्यूज एजेंसी



चनुक, देवरिया। सलेमपुर में सरकारी व निजी अस्पतालों में ऐसे दलाफ व माफिया सक्रिय हैं जो बच्चों की सौदेबाजी करते हैं। वे या तो बच्चों की चोरी करते हैं और प्रसूता को कई प्रकार के प्रलोभन देकर उनके बच्चों को औने-पौने दाम में बेच देते हैं। नगर के एक निजी अस्पताल में जन्म के बाद दलाल ने 20 हजार रुपये में एक बच्चे को बिकवा दिया। बीस दिन बाद जब लार पुलिस तक मामला पहुंचा तो पुलिस ने पंचायत कराकर मां को उसका बच्चा दिलाया, लेकिन दलाल और कानून को दरकिनार कर बच्चा खरीदने वाले पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की जांच कर कार्रवाई के बजाय दो घंटे लार कस्बा चौकी पर दरोगा ने पंचायत के बाद मामले में लीपापोती कर दी।

लार नगर के बौली वार्ड की रहने वाली एक महिला ने 25 दिन पूर्व सलेमपुर नगर के एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। जन्म के बाद महिला को गुमराह कर दलाल ने 20 हजार रुपये में बच्चे को बिकवा दिया। शुक्रवार को महिला पता लगाते हुए अपने बच्चे के पास पहुंची और वहां से बच्चे को लेकर भाग निकली। बच्चा खरीदने वाले दंपति उसका पीछा करने लगे। महिला बच्चे को लेकर लार कस्बा चौकी पर पहुंच गई और पूरी बात वहां मौजूद चौकी इंचार्ज कुंदन पटेल को बताई। इसी बीच दंपति भी पहुंच गए और 20 हजार रुपये में बच्चा खरीदने का दावा करते हुए बच्चा मांगने लगे।
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इसको लेकर महिला और दंपति के बीच कहासुनी भी पुलिस के सामने हुई। पुलिस की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक पंचायत हुई, लेकिन महिला बच्चा देने को तैयार नहीं हुई और बच्चा बिकवाने वाला दलाल भी पुलिस के सामने नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने महिला से लिखित बयान लेकर बच्चे को सुपुर्द कर दिया। बच्चा बेचने जैसे गंभीर मामले में दरोगा ने लीलापोती कर बच्चा खरीदने और बच्चा बिकवाने वाले दलाल पर कार्रवाई के बजाए छोड़ दिया।

सलेमपुर नगर के कई ऐसे निजी अस्पताल हैं जहां बच्चा बेचने वाले दलाल सक्रिय हैं। अगर पुलिस इसकी जांच कर कार्रवाई करे तो बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। लेकिन पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद भी लार चौकी इंचार्ज टाल मटोल कर दी।



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बच्चा खरीदने का मामला गलत है। महिला गरीब है, जो दंपति बच्चे को ले गया था। वह महिला के गर्भवती होने के बाद प्रसव कराने तक का खर्च बहन किया था। दंपति के पास कोई संतान नहीं है, इस लिए बच्चे को लिए थे जो कानूनी रूप से गलत था। इस लिए बच्चा उसकी मां को दिलवा दिया गया है। किसके कहने पर बच्चा महिला ने उसे दी है। उसका पता लगाया जाएगा।
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-दीपक शुक्ला सीओ सलेमपुर

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-बच्चा खरीद फरोख्त का मामला आया था। पंचायत के बाद बच्चा उसकी मां को सुपुर्द कर दिया गया। 20 हजार रुपये में बच्चे को खरीदने की बात सलेमपुर से आए दंपति कर रहे थे। जन्म के बाद बच्चे को महिला क्यों बेची थी और किसने बिकवाया था। इसकी जानकारी नहीं है। महिला किसी को बच्चा नहीं बेचेगी। वह लिखकर दी है।

-कुंदन पटेल लार चौकी इंचार्ज
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