खुखुंदू। शादी के दिन कुशीनगर के युवक की कत्ल के बाद दूल्हा और दुल्हन पक्ष भयभीत हो गए थे। दोनों परिवारों ने तय किया था कि छह माह बाद दुल्हन की विदाई होगी। हालांकि, शादी में अगुआ रहे शख्स ने पहल कर दोनों पक्षों को राजी कराया और सोमवार को शुभ मुहूर्त में दुल्हन की विदाई करा दी। इस दौरान गांव में सन्नाटा रहा। सिर्फ परिवार के ही कुछ महिलाएं दुल्हन को घर से बाहर लेकर आईं।
बताते चलें कि बृहस्पतिवार की रात कुशीनगर जिला के अहिरौली थाना क्षेत्र के रामपुर झुरियां से खजुरी करौता मठकेशोराम में बरात आई थी। द्वारपूजा के बाद जयमाल की तैयारी हो रही थी। तभी बरात में दूल्हे के पिता दीपक गिरी के करीबी तेज बहादुर उर्फ राजन यादव की नकाबपोश ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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वारदात के बाद बरात स्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। दुल्हन और दूल्हे पक्ष को लगा शादी नहीं हो पाएगी। हालांकि, पुलिस ने उनकी तरफ मुड़ कर भी नहीं देखा। देर रात में सिंदूरदान की रस्म पूरी की गई, मगर विदाई नहीं हो पाई थी।
शादी के अगुआ दुल्हन की बुआ के ससुर थे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर किसी तरह विदाई के लिए राजी कराया। सोमवार को दूल्हे के साथ उनके पिता और चाचा मठकेशोराम पहुंच दुल्हन की विदाई कराकर ले गए। दोनों पक्षों का कहना था कि यह वारदात ताजिंदगी याद रहेगी। दुल्हन के पिता अनिल गिरी ने कहा कि इस वारदात ने गांव को कलंकित कर दिया।