संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/सलेमपुर। बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होने के चलते इन दिनों जन्म प्रमाणपत्र के लिए अभिभावक परेशान हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाके के लोग ग्राम पंचायत, ब्लॉक समेत तहसील का चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
इसके बावजूद समय से जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा बच्चों के नामांकन में अड़चन आ रही है। एसडीएम दफ्तर में रिपोर्ट तैयार करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर अभिभावकों को यह बात कहकर लौटा दे रहे हैं कि उनके जिम्मे बहुत सारा काम है।
जरूरी कार्य पूरा करने के बाद ही जन्म प्रमाणपत्र का रिपोर्ट तैयार करूंगा। इसकी शिकायत भी कई लोगों ने उच्च अधिकारियों से की है। जिन बच्चों का अब तक आधार कार्ड नहीं बना है, उन्हें इसे बनवाने के लिए पहले जन्म प्रमाणपत्र बनवाना पड़ेगा। क्योंकि आधार कार्ड बनवाने के लिए जन्म तिथि एवं स्थान के लिए प्रमाणपत्र की जरूरत होती है।
इसी के तहत नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत में अभिभावक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। अक्तूबर 2023 से शुरू हुई प्रक्रिया के तहत पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एसडीएम कोर्ट में आवेदन करना होता है।
नगर पंचायत सलेमपुर में 80, मझौली राज में 50, लार मेंं 50, नगर पंचायत भटनी मेंं 42 आवेदकों का मामला लंबित पड़ा हुआ है। इसके चलते उनके बच्चों का आधार कार्ड भी नहीं बन पा रहा है।
उधर, स्कूल संचालक आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र के लिए बच्चों पर दबाव बना रहे हैं। जिले के तहसीलों में दो हजार आवेदन लंबित पड़े हैं।