संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धर्मांतरण कराने के आरोप में एसएस मॉल के मालिक उस्मान गनी को जेल भेजने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का एक प्रतिनिधिमंडल विधान परिषद में नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को देवरिया पहुंचा।
सपा कार्यालय से उस्मान के घर प्रतिनिधिमंडल पहुंचा और करीब एक घंटे तक उनके परिवार से घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अल्पसंख्यक होने के कारण उस्मान गनी को धर्मांतरण कराने की कोशिश के फर्जी मामले में जेल भेजा गया है, जिस युवती ने आरोप लगाया है, वह तीन बार तहरीर दे चुकी है।
दो तहरीर में धर्मांतरण की कोशिश या सेक्स रैकेट जैसी कोई आरोप नहीं है। तीसरी तहरीर सुनियोजित तरीके से लेकर पुलिस ने फर्जी केस दर्ज किया है। पूरा मामला सदन में उठेगा। इसकी लड़ाई सपा मजबूती से लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि ईजी मार्ट के मैनेजर उस्मान गनी के भाई हैं। उस्मान से कोई लेना देना नहीं है, जिस गुप्ता परिवार पर धर्मांतरण का आरोप लगा है, पुलिस की जांच में पता चला कि पटना में वर्ष 2013 में उसने स्वेच्छा से धर्मांतरण किया है। प्रतिनिधिमंडल में सपा सांसद सलेमपुर रमाशंकर राजभर विद्यार्थी, सांसद सुल्तानपुर रामभुआल निषाद, सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव, पूर्व राज्यसभा सांसद कनकलता सिंह, पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद, गजाला लारी, पूर्व विधायक आशुतोष उपाध्याय, पूर्व विधायक अनुग्रह नरायण खोखा सिंह, पूर्व विधायक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।