मेहरौनाघाट। लार ब्लॉक के सजांव गांव में चल रही रामलीला के नौवें दिन मंगलवार को रामलीला समिति के कलाकारों ने कुंभकर्ण एवं अहिरावण वध की लीला का मंचन किया।
मेघनाद के मारे जाने के बाद रावण ने गहरी निद्रा में सो रहे कुंभकरण को काफी प्रयास के बाद जगाकर सारा वृतांत बताया। तत्पश्चात श्रीराम और कुंभकर्ण के बीच भयंकर युद्ध प्रारंभ हुआ। प्रभु श्रीराम के हाथों कुंभकर्ण का वध हुआ। कुंभकर्ण के वध के बाद रावण के दरबार में हाहाकार मच गई। इसके बाद रावण के भाई अहिरावण ने अपने खेमे में सो रहे श्रीराम और लक्ष्मण का अपहरण कर पाताल पुरी लेकर चला गया। श्रीराम, लक्ष्मण के लापता होने से वानरी सेना में भारी मायूसी छा गई। विभीषण के बताने पर श्री राम लक्ष्मण का पता लगाने के लिए हनुमानजी पाताल पुरी पहुंच गए और अहिरावण का वध कर श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर बाहर आये। इस सजीव लीला को देख दर्शक श्रीराम और हनुमान की जयकारा लगाना शुरू कर दिया।