संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रिश्ते की बहन का यौन शोषण करने का जिला पंचायत सदस्य का आरोपी पति मनोज कन्नौजिया की हर गतिविधि को जानने के बावजूद पुलिस उस पर हाथ रखने से कतरा रही है।
घटना के 11 दिन बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसकेे पीछे सफेदपोशों का संरक्षण बताया जा रहा है। जबकि इस मामले की माॅनिटरिंग एसपी विक्रांत वीर खुद कर रहे हैं।
एसओजी समेत कई टीमें आरोपी को पकड़ने में लगाई गई हैं। एसपी ने आरोप पर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। गैर जमानती वारंट भी जारी है। साथ ही, इनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी है। फिर भी आरोपी के हाथ नहीं आने से पीड़िता का परिवार भयभीत है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता के पिता का आरोप है कि छह मार्च को आरोपी ने बेटी को टॉफी में नशीली दवा खिला दी थी। इसके बाद देवरिया सदर स्टेशन रोड स्थित एक होटल में यौन शोषण किया था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी मनोज पर 11 दिन पहले पाॅस्को एक्ट, दुष्कर्म के मामले में केस दर्ज कर उसी दिन उसके घर पर छापा मारा था। पत्नी और साले को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई थी। सूत्रों की मानें जब तक आरोपी की पत्नी कोतवाली में थी, तब तक आरोपी बेचैन था और कोर्ट में समर्पण करने की तैयारी कर रहा था।
जैसे ही पुलिस ने उसकी पत्नी को घर जाने दिया, वह पुलिस को चकमा दे रहा है। सदर कोतवाल और घटना के विवेचक दिलीप सिंह ने बताया कि जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।