संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लार नगर में मोहर्रम के मेहंदी जुलूस में फलस्तीनी झंडा फहराने के मामले में 72 दिन बाद भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ऐसे में पुलिस की सुस्त विवेचना पर सवाल खड़ा होने लगा है। वहीं झंडा लहराने वाला आरोपी खुलेआम घूम रहा है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद एसपी विक्रांत वीर ने संज्ञान लिया था। इस मामले में लार कस्बे के चौकी प्रभारी पर कार्रवाई भी हो चुकी है।
लार नगर में मोहर्रम से पहले देा जुलाई की रात को कस्बे में मेहंदी का जुलूस निकाला गया था। इसमें एक आखड़े में शामिल किशोर फलस्तीनी झंडा लहरा दिया। इसका वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लार के तत्कालीन थानाध्यक्ष उमेश वाजपेयी ने मामले में लीपापोती करने लगे, मगर एसपी तक मामला पहुंचने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर लिया।
लार चौकी प्रभारी दीपक सिंह को एसपी विक्रात वीर ने लाइन हाजिर कर दिया। इस मामले में पुलिस 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, एक आखड़ेदार का नाम सामने आया। इसके आखड़े के जुलूस में किशोर ने फलस्तीनी झंडा लहराया था, मगर पुलिस आखड़ेदार का न तो नाम विवेचना में शामिल किया और न ही झंडा लहराने वाले आरोपी की गिरफ्तारी अब तक सकी है।
इसके दूसरे दिन भी एक आखड़े में लोग टी-शर्ट पर फलस्तीनी झंडा का चिह्न लगाए थे। पुलिस ने मना किया तो जुलूस को रोक दिया था।
इसके बाद तत्कालीन सीओ दीपक शुक्ला ने आखड़ेदारों से बात की, तब जाकर जुलूस आगे बढ़ा था। सूत्रों की मानें तो पुलिस इस मामले में कुछ लोगों के प्रभाव में आकर विवेचना में तेजी नहीं ला रही और न ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।