लार रोड। रामपुर कोटवा के पास हुए हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को दिवाली से पहले कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। 35 वर्षीय गुड्डू प्रसाद की मौत से तीन बेटियां पायल (10), चंचल (8) और टेमो (6) और बेटा टार्जन (3) को अनाथ कर दिया।
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गुड्डू मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह ट्रकों से गिट्टी और बालू उतारने का काम करता था। कम आमदनी के बावजूद बेटी पायल और चंचल को लार कस्बे के एक स्कूल में पढ़ाता था। परिवार की पूरी जिम्मेदारी गुड्डू के कंधों पर ही थी।
हादसे ने पत्नी लीला और चार मासूम बच्चों के सामने जीवन का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पति की मौत से पत्नी लीला के सामने अंतिम संस्कार से लेकर छोटे-छोटे बच्चों के लिए रोटी-कपड़ा तक के प्रबंध की चुनौती होगी।