बरहज। स्कूल बस की चपेट में आने से छह दिसंबर को रतन सोनकर पुत्र गुड्डु सोनकर की मौत हो गई थी। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर 24 दिसंबर को मुख्य चौक पर लोगों ने सड़क जाम कर धरना-प्रदर्शन किया था। बिना अनुमति प्रदर्शन और सड़क जाम करने के आरोप में पुलिस ने 29 दिसंबर को 57 नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस की इस कारर्वाई से लोग दहशत में हैं। लोगों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है। मृतक रतन के परिजनों ने आरोप लगाया कि न्याय तो नहीं मिल रहा है, उल्टे पुलिस साथ खड़ा होने वालों पर कार्रवाई कर रही है।
जयनगर-गौरा निवासिनी और मृतक रतन की मां सुनीता देवी ने आरोप लगाया कि मेरे बेटे रतन सोनकर की मौत पर पुलिस भी रौब दिखा रही है। उनका आरोप है कि बस मालिक से पुलिस ने समझौता कराया, लेकिन अब वह भी पीछे हट गई है। मुआवजे के लिए मोहल्ले और नगर के लोग साथ खड़ा हुए तो पुलिस उल्टे उन पर कार्रवाई कर रही है। सुनीता देवी का कहना है कि सभी लोग शांतिप्रिय तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन उन पर झूठे आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के इस कार्रवाई से कोई किसी के मदद में आगे आने से पहले सोचेगा। नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस नाम प्रकाश में लाने के लिए धमका रही है। जिससे धरना-प्रदर्शन में न शामिल होने वाले लोगों को भी अपने फंसने का डर सता रहा है।
नगरपालिका कार्यालय के निकट सड़क हादसे में जयनगर-गौरा निवासी रतन सोनकर की मौत हो गई थी। लोगों के अनुसार मामले में बस मालिक और मृतक के परिजनों में सुलह-समझौता हुआ था।
बताया जा रहा है कि बस मालिक द्वारा करीब दो लाख रुपये दिया गया था, जबकि शेष 12 लाख रुपये के लिए समय मांगा था। निर्धारित समय पर पैसा न मिलने पर लोगों ने पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर 24 दिसंबर को मुख्य चौक पर लोगों ने सड़क जाम करते हुए धरना-प्रदर्शन किया था। संवाद