देवरिया/भटनी। वाराणसी रेलखंड पर मऊ जंक्शन से दुल्लहपुर के बीच दोहरीकरण कार्य के चलते बुधवार को भी बाघ और कृषक एक्सप्रेस समेत 10 ट्रेनें निरस्त रहीं। वहीं छह ट्रेनों को डायवर्ट कर चलाया गया। ट्रेनों के निरस्तीकरण और रूट डायवर्जन से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग बसों में धक्के खाते हुए सफर करने को मजबूर हैं। वहीं रेलवे के जिम्मेदार अफसरों ने शुक्रवार से राहत मिलने की बात कही है।
भटनी-वाराणसी रेलखंड पर मऊ जंक्शन से दुल्लहपुर स्टेशन के बीच डबल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। बुधवार को इसका रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण किया। इसके बाद बृहस्पतिवार को स्पीड ट्रायल किया जाएगा। इस वजह से ट्रेनों का निरस्तीकरण और रूट परिवर्तन किया गया है। कड़ाके की ठंड में ट्रेनों के रूट डायवर्जन और निरस्तीकरण के चलते यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गोरखपुर-सिवान रेलखंड पर वैकल्पिक ट्रेनों के चलने से किसी तरह लोग यात्रा कर भी ले रहे हैं, लेकिन वाराणसी रूट पर संचालन ठप होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। स्टेशन अधीक्षक मनोज पांडेय ने बताया कि वाराणसी रेल खंड पर दोहरीकरण कार्य चलने के कारण रेलवे ने ब्लॉक लिया है। इसके चलते ट्रेनों को निरस्त और डाइवर्ट कर चलाया जा रहा है। शुक्रवार से स्थिति सामान्य होने की सूचना मिल रही है।
इन ट्रेनों का नहीं हुआ संचालन
बुधवार को काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस, अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस, मुंबई-आजमगढ़ एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, लखनऊ -पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, प्रयागराज जंक्शन-मुजफ्फरपुर बापूधाम एक्सप्रेस, गोरखपुर-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस, भटनी-वाराणसी सिटी पैसेंजर, लखनऊ-वाराणसी सिटी कृषक एक्सप्रेस, मुंबई दादर-छपरा एक्सप्रेस, लालगढ़-डिब्रूगढ़ अवध असम एक्सप्रेस निरस्त रही। इसके अलावा मुंबई-गोरखपुर काशी एक्सप्रेस, शालीमार -गोरखपुर एक्सप्रेस, सीतामढ़ी-आनंद विहार आदि ट्रेनों को डायवर्जन कर चलाया गया।
बसों और निजी साधनों का लेना पड़ा सहारा
ट्रेनों के निरस्तीकरण व रूट डायवर्जन का असर सड़क परिवहन पर पड़ा। देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। यहां से गोरखपुर और वाराणसी रूट पर चलने वाली बसों में लोगों को धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। लोग बस नहीं मिलने पर निजी साधनों या फिर किराए पर टैक्सी ले रहे हैं। स्थिति यह है हो गई है कि देवरिया से सलेमपुर और भाटपाररानी जाने वालों को भी साधन खोजने पड़ रहे हैं।