बृहस्पतिवार को एक्यूआई 160 किया गया दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बढ़ते प्रदूषण के बावजूद जनपद में पराली जलाई जा रही है। इससे वायुमंडल और प्रदूषित हो रहा है। बृहस्पतिवार को हवा का स्तर 160 दर्ज किया गया। जहां पराली जल रही है, आसपास के लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही हैं। इधर प्रशासन की सेटेलाइट ने रोक के बावजूद पराली जलाने पर बरहज व सलेमपुर क्षेत्र में 10 लोगों को पकड़ा है। इनमें से चार लोगों पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कृषि उपनिदेशक राजेश कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि बरहज क्षेत्र के मरहा की विद्यावती देवी पत्नी कोमल, विनोद व दिनेश पुत्र कोमल, जिगनी सोनौली के सुभाष पुत्र लखन, वशिष्ठ पुत्र देवनंदन, विजय कुमार पुत्र देवनंदन व विजय कुमार तथा सलेमपुर तहसील क्षेत्र के खुखुंदू में उमेश पुत्र मदानंद, अंगद व पवन पुत्र उमाशंकर को सेटेलाइट के जरिए पराली जलाते हुए पकड़ा गया है। इनमें से चार पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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पराली जलाए जाने से भी सांस के रोगियों को होगी दिक्कत
मेडिकल कॉलेज में इधर सांस के रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है। पिछले दो दिनों से 70 से अधिक मरीज यहां आ रहे हैं। चेस्ट विभाग के डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि पटाखों निकले जहरीले धुएं ने वातावरण को पहले ही प्रदूषित किया हुआ है। देहात क्षेत्रों में बिना भय के किसान पराली जला रहे हैं। बड़ी मात्रा में निकले धुंए से हवा का स्तर और खराब होगा और इससे सांस के रोगियों को दिक्कत बढ़ जाएगी।
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पराली जलाने वालों पर कार्रवाई से किसानों में हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। पराली जलाने वालों पर तहसील प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रोक के बावजूद पराली जलाने पर नोटिस भेजने के साथ ही जुर्माना लगाया है। अब तक पांच लोगों पर कार्रवाई की गई है। इसको लेकर पराली जलाने वाले किसानों में हड़कंप मच गया है।
पराली जलाने पर रोक के बावजूद लोग पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसको लेकर तहसील प्रशासन कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार शाम को भ्रमण के दौरान मधवापुर गांव में चार किसानों के खेत में पराली जलता हुआ मिला। इसमें झबबू, बृजनाथ, आनंद प्रकाश व शेष का खेत शामिल है। तहसील प्रशासन ने इन लोगों पर कार्रवाई के लिए नोटिस भेजा है। इसी प्रकार तहसील क्षेत्र के मटियरा गांव में एसडीएम के निरीक्षण में गांव के उमेश के खेत में पराली जला हुआ मिला।
क्षेत्रीय लेखपाल राजेश कुमार मिश्र ने किसान पर 2500 रुपये जुर्माना लगाया है। इसकी नोटिस भेज कर जुर्माना अदा करने को कहा गया है। हालांकि अभी तक कोतवाली क्षेत्र में पराली जलाने को लेकर किसी पर केस नहीं दर्ज किया गया है। नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह ने कहा कहा कि पहली पर पराली जलाते पाए जाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। दूसरी बार जलाए जाने पर केस दर्ज करने की कार्रवाई होगी।
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शाम ढलते ही खेतों में धू-धू कर जल रही पराली
बरहज। शाम ढलते ही नगर-क्षेत्र में सेटेलाइट काम करना बंद कर दे रहा है। गठित टीम और सेटेलाइट से बेपरवाह लोग खेतों की पराली में आग लगा दे रहे हैं, जो रात भर धू-धू कर जल रही है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की सख्ती और शासन के निर्देश के बावजूद प्रशासन धान की पराली जलाने से रोक लगाने पर नाकाम है।
बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए पराली जलाने पर पूर्णतया रोक है। जिसको लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर पर टीम गठित किया गया है। लोगों के अनुसार गठित टीम में कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग को शामिल किया गया है। जिन्हें विशेष रुप से निगरानी की जिम्मेदारी दिया गया है। धानों की फसलों के कटाई के बाद रबी की बुआई किसानों के सिर पर है। खेतों की तैयारी को लेकर पराली धड़ल्ले से जलाई जा रही है। आलम यह है कि शाम ढलते ही खेतों में धुएं और आग की लपट उठने लग रही है। नगर सहित भलुअनी, गड़ेर, वीरपुर मिश्र, सोनाड़ी, करुअना, मगहरा, कपरवार, पैना, देवपार, बरांव आदि जगहों पर लोग बेखौफ होकर पराली जला रहे हैं। यहां तक कि कंबाइन मशीन से कटान के बाद पराली प्रबंधन करने की जगह अवशेषों को आग के हवाले कर दिया जा रहा है। इसमें पकड़े जाने पर जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है। जानकारों की मानें तो पराली जलने से प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ खेतों के मित्र कीट जलकर नष्ट हो रहे हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में कमी आ रही है। एसडीएम अवधेश कुमार निगम ने बताया कि धान की कटाई के बाद अवशेषों के जलाए जाने पर अब तक तहसील क्षेत्र में तीन किसानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पराली प्रबंधन पर जोर देते हुए जागरूक किया जा रहा है।