चकिया कोठी में सैकड़ों किसानों के पट्टा आवंटन का मामला
फोट़ो समाचार
भाटपाररानी। तहसील में एसडीएम से हुई वार्ता के बाद पट्टा भूमि बचाओ संघर्ष समिति व अखिल भारतीय किसान सभा ने तीन फरवरी को होने वाले तहसील घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त मंत्री साधु शरण ने बताया कि वर्ष 1973 में चकिया कोठी में सैकड़ों भूमिहीन लोगों को कृषि कार्य के लिए पट्टा आवंटित किया गया था। छह माह पूर्व तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने उन समस्त पट्टाधारक किसानों की खतौनियों में दूसरे के आदेश संबंधित इंद्राज दर्ज कर दिया गया। इस प्रकरण को लेकर गठित पट्टा भूमि बचाओ संघर्ष समिति तथा किसान सभा के संयुक्त तत्वावधान में 20 जनवरी को चकिया कोठी चौराहे पर एक दिवसीय धरना के जरिए इंद्राज हटाए जाने की मांग की गई थी। ऐसा न होने की स्थिति में तीन फरवरी को तहसील का घेराव करने की घोषणा की गई थी।
इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी हरिशंकर लाल ने सोमवार को अपनी तहसील में किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए आवश्यक कागजात लेकर किसानों की समस्याओं का सहानुभूति पूर्वक समाधान का आश्वासन दिया है। इसके बाद तहसील घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
इस दौरान साधु शरण, जटाशंकर सिंह, राजा राम प्रसाद, डॉ. इसरारूल हक, महमूद आलम, सफीउल्लाह अंसारी, असगर अंसारी, बैरिस्टर प्रसाद, रोज मुहम्मद, राजेश प्रसाद, हरेन्द्र बैठा, राम रक्षा प्रसाद, सुबाष प्रसाद, अलाउद्दीन, जनार्दन आदि मौजूद रहे।