- शिक्षक-शिक्षामित्र-अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एकजुट हुए जिले भर के शिक्षक, दिखाई एकता
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में सोमवार को परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी का विरोध किया। बीएसए कार्यालय से लेकर कलक्ट्रेट तक उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौपा।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी का आदेश अव्यवहारिक है। शिक्षकों को दंडात्मक कार्यवाही का भय दिखाकर उपस्थिति देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। बंद कमरों में बैठकर बिना यथास्थिति को जाने समझे महानिदेशक की ओर से बिना शिक्षक प्रतिनिधियों से बात किए ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं। बहुत से ऐसे विद्यालय हैं जहां बिजली नहीं है । छत पर चढ़कर नेटवर्क ढूंढना पड़ता है।
बरसात के मौसम में जलभराव के चलते स्कूलों में समय से पहुंच पाना संभव नहीं है। कई जगह शिक्षकों को सवारियां बदलनी पड़ती हैं। भौतिक स्तर पर हमारी समस्याओं को समझे बिना उच्चाधिकारी ऐसे आदेश जारी कर रहे हैं जो शिक्षक हित में नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी व डिजिटलाइजेशन का आदेश रद्द किया जाना चाहिए।
जुलूस में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद, जूनियर शिक्षक संघ के मंडल महामंत्री अखिलेश कुमार मिश्र, नीलम सिंह, विज्ञान सिंह, रामाजी यादव, मनोज सिंह चंदेल, अंकित कुमार श्रीनेत, संतोष ओझा, गेना यादव, विनोद गुप्ता, जयप्रकाश कुशवाहा, गोविंद मिश्रा, शिशिर राय, अन्नू सिंह, पुष्पराज तिवारी, मनीष कुमार आदि शामिल रहे।
सभी ब्लॉकों के 885 शिक्षक संकुलों ने दिया त्यागपत्र
देवरिया। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में जिले के सभी 885 शिक्षक संकुलों ने सोमवार को संबंधित खंड शिक्षाधिकारी को ज्ञापन के जरिए त्यागपत्र दे दिया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने बताया कि महासंघ इस कार्य की सराहना करता है। जनपद के समस्त विकास खंडों के लगभग सभी शिक्षक संकुल ने अपने पदीय दायित्व से हटने की कार्यवाही शिक्षक हित में बड़ा कदम है। विभाग के अनावश्यक दबाव व डिजिटाइजेशन के विरोध में यह अच्छा निर्णय है। उधर त्यागपत्र देने वाले शिक्षकों ने बताया कि संकुल शिक्षकों की नियुक्ति के बाद लगातार चौथे साल हम सभी से कार्य लिया जा रहा है, जो कि शासनादेश का उल्लंघन है। शिक्षक संकुल की नियुक्ति शिक्षा की गुणवत्ता संवर्द्धन तथा विद्यालयों के प्रदर्शन बेहतर करने के लिए की गई थी जबकि शिक्षक संकुलों पर हमेशा अनावश्यक दबाव बना का इसके इतर अनेक कार्य समय-समय पर लिए जाते हैं।
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जिले के शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए जनपद स्तर पर टीम बनाई है जो विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को नए आदेश के सकारात्मक पक्षों को बता रही है। हालांकि, अभी आशातीत सफलता हासिल नहीं हुई है। मंडल स्तर पर हमारे जनपद की स्थिति अच्छी है।
....शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए