देवरिया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई रविवार को गोरखपुर जाकर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें बेसिक शिक्षा में कार्यरत वरिष्ठ शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त रखने की मांग की गई।
जिला संयोजक जयशिव चंद ने कहा कि बुनियादी शिक्षा में देशभर के अनुभवी एवं वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर अनिवार्य टेट लागू करने का निर्णय अव्यवहारिक है। यह शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ है। यह निर्णय शिक्षकों और उनके दीर्घकालिक योगदान की उपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक लंबे समय से विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं।
उनकी कार्यक्षमता सिद्ध और संतोषजनक है। ऐसे में उन पर पुनः टेट अनिवार्य करना अनुचित एवं असंगत है। सह संयोजक विवेक मिश्र ने कहा कि यह निर्णय शिक्षकों पर अनावश्यक मानसिक दबाव उत्पन्न करता है और स्थिरता के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को भी प्रभावित करने की आशंका पैदा करता है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने शिक्षकों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं को उचित मंच पर रखते हुए समाधान का प्रयास कराने का भरोसा दिया। इस अवसर पर अशोक तिवारी, नर्वदेश्वर मणि त्रिपाठी, मनोज सिंह, राम प्रताप रंजन, अरविंद कुमार, नवीन प्रताप सिंह, रूपेश माैजूद रहे।