देसही देवरिया। तवक्कलपुर गांव में मामूली बात पर पिटाई से गंभीर रूप से घायल हुए शिक्षक ने मंगलवार की देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर शव को मोर्चरी में भिजवा दिया। बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं मौत के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने प्रधान प्रतिनिधि सहित तीन को हिरासत में ले लिया। जबकि अन्य फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, महुआडीह थानाक्षेत्र के तवक्कलपुर गांव के रमाकांत यादव (59) 12 अक्टूबर की सुबह अपने दरवाजे पर ट्रैक्टर वाले राइसमिल से धान कुटवा रहे थे। इसी बीच पट्टीदार और प्रधान प्रतिनिधि देवेंद्र यादव धान कुटाई से मना करने लगे। दोनों ने मशीन को जबरन बन्द भी करा दिया। इस बात का रमाकांत ने विरोध किया तो देवेंद्र अपशब्द कहने लगा।
दोनों तरफ से विवाद बढ़ गया। देवेंद्र ने भाइयों और परिवार वालों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से रमाकांत की पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर पहुंचे बेटे डॉ. अरविंद यादव (45), बहू सुनीता देवी (38), नाती गोलू (14), नतिनी अन्नू (16) और शालू (16) को भी पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गोलू का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले उसे छुट्टी मिली है। जबकि सुनीता गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से घर पहुंची हैं।
रमाकांत का महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इलाज के बाद डाक्टरों ने घर भेजा था। मंगलवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। घर के लोग उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इलाज के दौरान रात 11 बजे के करीब उनकी मौत हो गई। इस बात की जानकारी होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर शव को मोर्चरी में भिजवा दिया। बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पोस्टमार्टम के बाद पटनवा पुल पर अंतिम संस्कार किया गया।
प्रभारी निरीक्षक महुआडीह अमित कुमार राय ने कहा कि मारपीट हुई थी। पीड़ित से तहरीर बदलवाने की बात गलत है। उसी दिन सभी का मेडिकल कराया गया था। तहरीर के आधार पर छह आरोपियों पर केस दर्ज किया गया। मेडिकल अफसर ने रमाकांत यादव के विषय में लिखा कि उन्हें कोई चोट नहीं है। कमर में दर्द की शिकायत थी। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।