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- जिले में दस से दो सितंबर तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान
- स्वास्थ्य विभाग ने 2918 टीमें की गठित, घर-घर जाएगी और लोगों को दवा देगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडेय की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में 10 अगस्त से प्रारंभ होने वाले राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तैयारी की समीक्षा के लिए जिलास्तरीय प्रथम अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें सीडीओ ने सभी विभागों को अंतर विभागीय समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
सीडीओ प्रत्यूष पांडेय ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल दी जाएगी। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एमडीए अभियान 10 अगस्त से 2 सितंबर तक सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को चलेगा। बुधवार तथा शनिवार को मॉप-अप राउंड होगा। जिले में 33,91,823 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2918 टीमें गठित की गई हैं। अभियान में डब्लूएचओ, यूनिसेफ, पाथ, सीफार, स्काउट, एनएसएस, एनसीसी सहित एनजीओ व अन्य सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। सभी संबंधित विभाग माइक्रोप्लान तैयार कर अभियान को सफल बनाएं।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि फाइलेरिया जिसे हाथीपांव के नाम से भी जानते हैं, एक लाइलाज बीमारी है। इससे बचाव के लिए पांच साल तक साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन आवश्यक है। जिला मलेरिया मलेरिया अधिकारी चंद्रप्रकाश मिश्रा ने कहा कि अभियान के तहत दवा सेवन कराने के पश्चात दायें हाथ की अंगुली पर मार्कर से निशान लगाया जाएगा। इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय, डीपीओ कृष्णकांत राय, डीएसओ संजय पांडेय, डॉ.आरके श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी डीसीपीएम राजेश गुप्ता, सहायक मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि, यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ अरशद जमाल, पाथ के प्रतिनिधि अभिषेक कुमार मौजूद थे।