संवाद न्यूज एजेंसी
एकौना। गांव में रामलीला के दौरान मंगलवार की शाम रावण दहन के दौरान हुए विवाद को हल्के में लेना बृहस्पतिवार को पुलिस को भारी पड़ गया। इस विवाद के संबंध में तहरीर मिलने के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं हुई। वहीं राज्याभिषेक के दौरान बृहस्पतिवार को रामहित भ्रमण में भी पुलिस नहीं रही।
मेले में मंगलवार को युवती का फोटो खींचने को लेकर कहासुनी के बाद हुए विवाद में कुछ लोगों ने मेघनाथ का किरदार निभा रहे युवक की पिटाई कर दी। घटना को लेकर एक पक्ष ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस की सख्ती के अभाव में बवाल बढ़ गया।
गांव में ठाकुर मंदिर के सामने वर्षों से चल रही रामलीला में गांव के ही युवक पात्रों की भूमिका निभाते है। जिसको लेकर दस दिन तक गांव में उत्सव का माहौल बना रहता है। बताया जा रहा है कि रावण दहन के दौरान गांव में मेला लगा था। एक शृगांर के सामान की दुकान पर फोटो खींचने को लेकर कुछ कहासुनी हुई। कुछ देर बाद दो गुट में बंटे युवक आपस में मारपीट करने लगे। गांव के संभ्रांत लोगों ने बीच बचाव किया। एक पक्ष ने थाने में तहरीर दी। इस घटना को लेकर गांव के दो जाति के युवकों में गुटबाजी चल रही थी। बुधवार को भी गांव में तनातनी का माहौल चल रहा था। बृहस्पतिवार को परपंरागत राम राज्याभिषेक की झांकी भेड़ी, बकरूआ होते हुए गांव की दलित बस्ती के प्राथमिक स्कूल के समीप से गुजर रही थी। युवक जय श्रीराम का जयकारा लगा रहे थे कि विवाद शुरु हो गया।
घटना के समय राम और लक्ष्मण बने दो किशोरों की पिटाई और मुकुट को छीनने की खबर से गांव में आक्रोश बढ़ गया।
घटना के पीछे रावण के पुतला दहन के समय विवाद करने वाले युवकों पर पुलिस की कार्रवाई नहीं करना बड़ा कारण बताया जा रहा है। गांव में तनाव बना है। पुलिस गांव में कैंप कर रही है। फिर भी एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बाबत सीओ हरिलाल ने कहा कि मामले में करवाई हो रही है। मौके पर शांति व्यवस्था बनी है।