नौ ब्लॉकों के दस साइट्स पर लगाए गए एनबीएस कैंप
रात में सिरजम गांव के कैंप में पहुंच सीएमओ ने अधिक से अधिक जांच कराने की अपील की
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फाइलेरिया की रोकथाम के लिए चार अप्रैल से जिले भर में नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) अभियान शुरू किया गया है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात में नौ ब्लॉकों के दस गांवों में एनबीएस कैंप का आयोजन कर करीब 1260 लोगों के नमूने लिए गए। सीएमओ ने बैतालपुर के सिरजम में कैंप में रात को पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने अपील की कि सर्वे में लोग रक्त के नमूने जांच टीम को आगे आकर दें, ताकि फाइलेरिया परजीवी की मौजूदगी का पता लगाया जाए।
नाइट ब्लड सर्वे अभियान 14 अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए टीम बनाई गई है, जो रात में लोगों के रक्त के नमूने लेकर फाइलेरिया संक्रमण का पता लगा रही है। नमूने रात्रि के 8 से 12 बजे के बीच लिए जा रहे हैं। नाइट ब्लड सर्वे के लिए तहत प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन की सहायता से 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के रक्त के नमूनों की जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि दो दिनों में गौरीबाजार ब्लॉक के ग्राम पिपराधरनी, बैतालपुर ब्लॉक के ग्राम सिरजम, देसही देवरिया ब्लाॅक के पकड़ी वीरभद्र, बनकटा ब्लाॅक के जगदीशपुर, तरकुलवा ब्लाॅक के सोन्हुला रामनगर, पथरदेवा ब्लाॅक के ग्राम सिधाव व वार्ड नंबर सात, महेन के नेतवार, भागलपुर ब्लाॅक के भागलपुर गांव और लार ब्लाॅक के कुंडौली में एनबीएस कैंप का आयोजन किया गया।
सिरजम में आयोजित कैंप में डीएमओ सीपी मिश्रा, सहायक मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि, बीएसडब्लू प्रदीप सिंह, एलटी ओपी भारती, नेटवर्क सदस्य पौहरी शरण और गोविंद यादव सहित सीफार व पाथ संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
माइक्रो फाइलेरिया दर एक प्रतिशत से कम होने पर स्थिति सामान्य
जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने बताया किसी भी साइट पर कुल लिए गए नमूने में माइक्रो फाइलेरिया संक्रमण दर अगर एक प्रतिशत से कम है तो उस क्षेत्र के फाइलेरिया संक्रमण दर की स्थिति सामान्य होती है। संक्रमण दर एक प्रतिशत से अधिक होने पर वहां एमडीए अभियान के माध्यम से फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन कराया जाता है। बताया कि जिले में वर्ष 2022 में भी यह अभियान चला था। इस दौरान निर्धारित आठ साइट साइट्स पर चार हजार लोगों के रक्त के नमूने लिए गए थे। इसमें संक्रमण दर एक प्रतिशत से अधिक था।