चने की झाड़ के साथ पूर्व प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह।
रुद्रपुर में खेती की दुश्वारियों और किसानों की दुर्दशा की तमाम कहानियों के बीच बनियापार गांव निवासी पूर्व प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह का चना किसानों सफल खेती की स्वस्फूर्त प्रेरणा दे रहा है। प्रति एकड़ औसत से दूना उत्पादन हासिल करने को लेकर वह चर्चाओं में हैं।
दलहन की खेती के अनुकूल माहौल के कारण कछार क्षेत्र में सुरेंद्र प्रताप ने चार एकड़ रकबे में चने की खेती की। बताया कि खेत की बुआई में 36 किलोग्राम हाइब्रिड बीज लगा। चने की खेती में कम पानी की जरूरत होती है। इससे सिंचाई का खर्च कम हुआ। फसल को कीटों से बचाने के लिए बस कीटनाशक पर ही खर्च हुआ। नतीजा रहा कि औसतन प्रति एकड़ चार से पांच क्विंटल का उत्पादन बढ़कर आठ क्विंटल पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि इलाके के किसान चने की खेती से बेहतर लाभ हासिल कर सकते हैं। चने की खेती में किसान को घाटा लगने की गुंजाइश काफी कम होती है। इसकी खेती से किसान कम लागत पर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। अच्छी पैदावार के लिए बस जरूरत है मिट्टी की सेहत और बीज शोधन का ध्यान रखने की। उन्होंने बताया कि हर वर्ष मृदा परीक्षण के बाद मिट्टी को जरूरी खनिज की मात्रा देने पर फसल की पैदावार बढ़ जाती है। वह बीज को बोने से पहले उसका शोधन जरूर करते हैं।