देसही देवरिया। भटनी बुजुर्ग गांव के पास बृहस्पतिवार की सुबह मिले युवक के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक युवक सुरैल मियां (30) लखनऊ में रहने वाले अपने साले के पास से लौट रहा था। गोरखपुर से बगहा जाने वाली बस में चढ़ा था, लेकिन कुशीनगर जिले के कसया में ही उतर गया। पत्नी को फोन कर खुद को कभी चौतरवा तो कभी लौरिया पहुंचने की बात करने लगा। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था।
महुआडीह थानाक्षेत्र के भटनी बुजुर्ग गांव के पिपरहिया टोला के पास बृहस्पतिवार की सुबह गेहूं के खेत में बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थानाक्षेत्र के जसका चुड़िहरवा गांव के रहने वाले सुरैल मियां (30) का शव मिला था। पुलिस ने मृतक के पास से मिले मोबाइल के कॉल डिटेल की जांच की तो युवक की पहचान हुई। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर घरवालों को सौंप दिया।
मृतक सुरैल मियां की पत्नी मुन्नी खातून ने बताया कि सुरैल का साला रेजालम सिद्दीकी लखनऊ में रहकर राजगीर मिस्त्री का काम करते हैं। काम की तलाश कर रहे सुरैल को रेजालम ने लखनऊ अपने पास बुलाया था। तीन जनवरी को सुरैल घर से लखनऊ चला गया।
वहां पहुंचने के बाद 4 जनवरी को सुरैल की तबीयत खराब हो गई। उसके पेट में अचानक दर्द होने लगा। रेजालम ने उसे कुछ दवा दिलवाकर ट्रेन से वापस घर भेज दिया। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद सुरैल ने घर जाने के लिए बस पकड़ा, लेकिन, वह कुशीनगर के कसया बस स्टैंड पर ही उतर गया।
उतरने के बाद उसने मोबाइल फोन से पत्नी को कई बार फोन किया। मुन्नी खातून के अनुसार सुरैल कभी बिहार के चौतरवा तो कभी लौरिया पहुंचने की बात कह रहा था। काफी देर बाद भी उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसके बताए ठिकानों पर ढूंढते रहे। बृहस्पतिवार की सुबह उसका शव मिलने पर पुलिस ने परिजनों को मामले की जानकारी दी तो घर में चीख-पुकार मच गई। पत्नी ने यह भी बताया कि बस में बैठने के कुछ ही देर बाद पति की दिमागी हालत खराब हो गई। बस से उतरने के बाद उन्हें यह पता नहीं रहा था कि वह कहां उतरे हैं और कहां जा रहे हैं।