शहर के सिविल लाइन में छाया घना कोहरा, फोटो संवाद
रुद्रपुर। बुधवार को अचानक मौसम में आए बदलाव ने लोगों को पहली बार गलन का एहसास कराया। सुबह से छाई धुंध दिन चढ़ने के साथ ही ठिठुरन बढ़ाती रही। बादलों की ओट में सूर्य भगवान छिपे रहे। गलन बढ़ने के कारण लोग घरों में रजाई में दुबके रहे।
गलन बढ़ने से बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचे। विशेष कर परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब छात्र गर्म स्वेटर और जूते के बिना स्कूल में कांप रहे थे।
क्षेत्र के रुद्रपुर, मदनपुर, एकौना और रामलक्षण में कोहरे के कारण सड़कों पर गाड़िया रेंग रही थीं। अचानक बढ़ी सर्दी का असर चारों ओर दिख रहा। बाजार की रौनक सर्दी के कारण कम रही। इक्का-दुक्का लोग बाजार आए तो आग तलाशते रहे। चौराहों पर अलाव नहीं जलने से राहगीरों को परेशान होना पड़ा।
नगरवासी अरविंद शुक्ला, नाथू पटेल, दानबहादुर, रमेश, सचिदानंद शुक्ल आदि ने नगर में अलाव जलवाने की मांग की।
गर्म कपड़े और हीटर बने सहारा
बरहज। मौसम के बदले मिजाज के कारण बुधवार को पूरे दिन लोग कांपते रहे। दोपहर बाद कुछ क्षण के लिए भगवान सूर्य का दर्शन हुआ लेकिन इससे सर्दी से राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में भी दुबके रहे। कोई हीटर के आगे नजर आया तो कोई अलाव खोज रहा था। शीतलहर की वजह से चौराहों, सड़कों और कार्यालयों में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ भी कम नजर आई। स्कूली बच्चे, बूढ़े प्रभावित देखे गए। पछुआ हवा के कारण ठंड में और इजाफा हो गया था। सड़कों पर गाड़ियों का हेडलाइट जलाकर चल रहे थे। संवाद