गौरीबाजार। चीनी मिल श्रमिकों, महिलाओं ने गुरुवार को मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। मिल में जाने को लेकर श्रमिकों नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। श्रमिक नेता जबरन मिल के अंदर घुस गए। मिल प्रमोटर के सहयोगी के साथ श्रमिक नेताओं की नोकझोंक हुई। सूचना के बाद पहुंचे नायब तहसीलदार ने मामला शांत कराया।
श्रमिक नेताओं ने उन्हें ज्ञापन देकर 22 अप्रैल से मिल गेट पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी। वर्षों से बंद पड़ी गौरीबाजार चीनी मिल चलाने, औने-पौने दामों में चीनी मिल बेचे जाने की जांच, किसानों और मिलकर्मियों के बकायों का भुगतान, मिल स्थित आवासों, कार्यालयों के अनाधिकृत रूप से खाली कराने, महिलाओं के साथ कथित ज्यादती, दोषियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए जाने की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में मिलकर्मियों, किसानों एवं महिलाओं ने मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी किया।
दोपहर बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन नायब तहसीलदार राम सहाय दुबे को सौंपा। इसके पूर्व मिल कर्मियों और किसानों ने पास के शिव मंदिर परिसर में बैठक कर प्रमोटर राजेंद्रा इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता पर मनमाने तरीके से आवास, मिल के कार्यालयों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया। कहा कि इस मिल पर किसानों का 1.62 करोड़, मिलकर्मियों का 24 करोड़ बकाया है।
भुगतान के अभाव में किसान एवं मिलकर्मी भुखमरी के कगार पर खड़े हैं। बैठक को जिला पंचायत सदस्य मुकुल सिंह, रमाशंकर सिंह, राजबहादुर यादव, कन्हैया यादव, चंडीलाल जायसवाल, कपिल देव यादव, रवींद्र, ऋषिकेश यादव आदि श्रमिक नेताओं ने संबोधित किया। बैठक के बाद मिलकर्मी और मजदूर नारेबाजी करते हुए जब मिल गेट पर पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें अंदर जाने से मना कर दिया। इसको लेकर नोकझोंक हुई। पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर मिल में पहुंचे मिलकर्मियों ने मिल प्रबंधन की ओर से यहां पहुंचे बृजेश चौधरी पर गुस्सा उतारा तथा कहा कि प्रबंधन जबरियां रेल तथा विद्युत विभाग की संपत्ति ले जा रहा है।
मिल के कार्यालयों और आवासों में तोड़फोड़ कराया जा रहा है। ब्रजेश चौधरी ने कहा कि आवासों में कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी, लेकिन स्क्रैप की ढुलाई जारी रहेगी। धरना पर बैठने वालों में कुसुम श्रीवास्तव, शीला पीटर, उर्मिला देवी, किरण देवी, आशा देवी, बबिता देवी, नूरजहा आदि प्रमुख रहीं।