एक तरफ गर्मी से लोग परेशान हैं तो दूसरी तरफ बिजली की अघोषित कटौती ने मुश्किलें बढ़ा दी है। बार-बार फाल्ट और बिजली कटौती से आजिज हियुवा नेताओं का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। उग्र लोगों ने विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। अफसरों के मोबाइल रिसीव न होने पर गुस्साए युवकों ने तोड़फोड़ शुरू की। विरोध करने पर एक प्राइवेट मिस्त्री की पिटाई भी की। जिससे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। नेताओं ने विद्युत उपकेंद्र पर अपना ताला बंद कर दिया। इसकी वजह से नगर और देहात की आपूर्ति ठप हो गई है।
भटनी नगर और देहात के लोग एक सप्ताह से बिजली के अघोषित कटौती और फाल्ट की समस्या से परेशान हैं। लोगों की शिकायतों के बाद भी बिजली कटौती में सुधार नहीं हो रहा था। इससे नाराज हियुवा के ब्लॉक अध्यक्ष टार्जन यादव के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे हियुवा कार्यकर्ता विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान युवकों ने एसडीओ गणेश मिश्र के सीयूजी नंबर पर फोन मिलाया। कई बार घंटी बजने के बाद भी उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शनकारी भड़क गए और एक घंटे तक विद्युत उपकेंद्र पर हंगामा किया। कर्मचारियों के विरोध करने पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने लॉक बुक भी फाड़ दिया। विरोध करने पर प्राइवेट मिस्त्री विशुनदेव की पिटाई कर दी। यह देख अन्य कर्मचारी भाग खड़े हुए। बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और बिजली घर में अपना ताला बंदकर दिया। फीडर चालू करने वाला हैंडिल भी कार्यकर्ता साथ लेते गए। उग्र कार्यकर्ताओं के इस हरकत से बिजली कर्मचारियों में आक्रोश है। तालाबंदी के कारण विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति दिन करीब एक बजे से प्रभावित है। प्रदर्शन करने वालों में हियुवा नेता जामवंत यादव, भोला यादव, सचिन यादव, विजय मद्घेशिया आदि शामिल रहे। विभाग के जेई दीपक मिश्र ने बताया कि बिजली कटौती ऊपर से हो रही है। सुचारु रूप से आपूर्ति देने की बात विभागीय अफसरों से कहा जा रहा था। लेकिन कोई सुन नहीं रहा है।
इनसेट में
दो दिन में महज चार घंटे मिली बिजली
भटनी। लोगों का गुस्सा ऐसे ही नहीं फूटा। नगर और देहात के लोगों को दो दिन में महज चार घंटे ही बिजली मिली है। शुक्रवार की रात से बिजली कटौती बढ़ा दी गई। शनिवार को सुबह दस बजे बिजली आते ही नगर और बैकुंठपुर का फीडर ब्लॉस्ट हो गया। इसके कारण इन फीडरों से जुड़े लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। वहीं कर्मचारियों ने विवाद की आशंका को देखते हुए देहात फीडर बंद कर दिया। जिसके चलते शनिवार को पूरे दिन और रात को बिजली देहात फीडर से जुड़े करीब एक लाख की आबादी भी बिजली के लिए तरसती रही। शनिवार की शाम को बैकुंठपुर और नगर फीडर को दुरुस्त कर लिया गया। कर्मचारियों का कहना था कि मेन लाइन आने पर बिजली मिलेगी, लेकिन रविवार की भोर साढ़े तीन बजे बिजली आई। पूरी रात लोग गर्मी से बिलबिलाते रहे। कई दिनों से बिजली कटौती ने इलाके के लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी बिजली फाल्ट को दुरुस्त करने और कटौती रोकने की बजाय मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे हैं। इसके कारण लोगों में नाराजगी है।
सलेमपुर में भी आपूर्ति लड़खड़ाई
नगर में लोगों को शनिवार को आधी रात के बाद बिजली आपूर्ति मिली है। वहीं भागलपुर फीडर पूरी रात ब्रेकडाउन रहा। इसकी वजह से करीब 100 गांव की आपूर्ति ठप रही। रविवार को दिन में भी मात्र तीन घंटे नगरवासियों को बिजली आपूर्ति मिला। इसकी वजह से लोगों को गर्मी में दो चार होना पड़ा। बिजली कटौती में अगर सुधार नहीं हुआ तो सलेमपुर में भी बिजली कर्मचारियों को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है।
बिजली कटौती से रुद्रपुर में हाहाकार
बिजली कटौती से रुद्रपुर में हाहाकार मचा है। यहां बिजली आने और जाने का कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं है। बिजली विभाग की लापरवाही से लोग भीषण गर्मी में तड़प रहे हैं। आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी में लगे एसएसओ के मनमानी से लोगों में गुस्सा है।
तहसील क्षेत्र में 14 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करने वाला बिजली विभाग नगर में ठीक से चार घंटे भी बिजली आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। रात में बिजली नहीं रहने से लोगों को पूरी रात जाग कर काटनी पड़ रही है। बिजली के अभाव में नींद पूरी नहीं होने से लोगों के अंदर मानसिक चिड़चिड़ापन बढ़ता जा रहा है। रोज सुबह काम पर जाने वालों को दफ्तर में उंघना पड़ रहा है। रुद्रपुर में कभी रात में दो बजे तो कभी सुबह चार बजे बिजली आ कर दो चार घंटे में चली जाती है। उपर से लो वोल्टेज के कारण बिजली का रहना और नहीं रहना एक समान हो गया है।
बिजली उपभोक्ता मनीष भाटिया ने कहा कि एसएसओ की लापरवाही से निर्धारित शेड्यूल में भी बिजली नहीं मिल रही है। एसएसओ शराब के नशे में धुत्त रहता है। रात में 11 बजे बिजली आने के बाद भी आपूर्ति नहीं दी जाती। दो दिन बिजली आने के बाद भी आपूर्ति चालू नहीं की गई।
संजीव कुमार गुप्त ने कहा कि रुद्रपुर में आपूर्ति व्यवस्था भगवान के भरोसे चल रही है। निर्धारित शेड्यूल में जिम्मेदार के नहीं रहने से लोग बिजली आपूर्ति से महरूम हो रहे हैं। यहां के जेई को घूसखोरी में जेल जाने के बाद से कोई भी अधिकारी आपूर्ति व्यवस्था नहीं देख रहा है।
अरविंद कुमार जायसवाल ने कहा कि बिजली कटौती से सबसे ज्यादे परेशानी छोटे बच्चें और बुजुर्गों को हो रही है। लोग घर में बिना जल के मछली की तरह तड़प रहे हैं। बिजली के आने जाने का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि लो वोल्टेज के कारण कूलर और पंखे नहीं चल रहें हैं।
रमेश मिश्र ने कहा कि बिजली लोगों को मानसिक रोगी बना रही है। रुद्रपुर जिले की सबसे खराब बिजली व्यवस्था चल रही है। यहां बिजली आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इस बात को लेकर जनप्रतिनिध और नेता भी मौन साध लिए है।
इस बाबत अधिशासी अभियंता एके पॉल ने कहा कि निर्धारित शेड्यूल में आपूर्ति बाधित होने पर जिम्मेदार एसएसओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। रुद्रपुर में कम से कम 12 घंटे आपूर्ति बहाल रखने का निर्देश दिया गया है।