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Deoria News: पैराग्राफ और रीजनिंग के सवालों में उलझे रहे परीक्षार्थी

Sat, 28 Oct 2023 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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राजकीय इंटर कॉलेज से पीईटी परीक्षा देकर बाहर आते परिक्षा​र्थि।संवाद
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देवरिया। प्रिलिमनरी एजिबिलिटी टेस्ट (पीईटी) में जिले के 24 केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। प्रथम पाली में पंजीकृत 10872 अभ्यर्थियों में 7476 उपस्थित एवं 3396 अनुपस्थित एवं दूसरी पाली में पंजीकृत 10872 में 7522 उपस्थित एवं 3350 परीक्षार्थियों ने परीक्षा ही छोड़ दी। परीक्षार्थियों को पैराग्राफ, रिजनिंग, गणित के सवालों ने खूब परेशान किया।
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पीईटी को लेकर जिले में खूब हलचल रही। शहर से लेकर यहां से 10 से 15 किलोमीटर तक केंद्र होने से परीक्षार्थी व उनके साथ आए लोग परीक्षा के चलते दौड़ा धूप करते दिखे। बस स्टेशन, गली मोहल्लों में केंद्र का पता पूछ-पूछकर वह गए। एक दिन में शहर में 15 हजार से अधिक परीक्षार्थी, उनके साथ आने वालों के आ जाने से चहल-पहल ज्यादा रही। पड़ोसी जनपद होने से अधिकांश परीक्षार्थी अपने ही साधन से परीक्षा देने आए थे। केंद्रों पर व्यापक स्तर पर जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को कक्ष में जाने का अवसर दिया गया। जीआईसी से प्रथम पाली की परीक्षा देकर निकली मऊ जनपद की निशा सोनकर ने बताया कि एक दिन पहले ही अपनी एक सहेली के साथ देवरिया आ गई थी और एक लॉज में 500 रुपये में कमरा किराए पर लिया, तब जाकर व्यवस्थित तरीके से परीक्षा दे पाई। परीक्षा व्यवस्था से जुड़े डीआईओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह ने शाम को बताया कि पहले दिन चार सॉल्वरों के पकड़े जाने की घटना हुई। इसे छोड़ दें तो जनपद के 24 केंद्रों पर परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। पहले दिन दोनों पालियों को मिलाकर 6746 परीक्षार्थियों इसमें शामिल नहीं हुए। रविवार को होने वाली दोनों पालियों की परीक्षा में भी सुरक्षा व्यवस्था तथा सख्ती रहेगी।
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स्पीकअप

पूछे गए कुल 100 सवालों में पैराग्राफ वाले काफी घुमाकर आए थे। सामान्य ज्ञान व सामान्य अध्ययन के सवाल ठीक लगे। पेपर औसत लगा।
- शशि चौहान, मधुबन-
ग्राफ और अर्थशास्त्र के सवाल हल करने में ज्यादा समय लगा, कुछ तो समझ में ही नहीं आए, ऐसे में उन्हें छोड़ देना पड़ा। एक दिन पहले ही परीक्षा देने आ गए थे।
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- काजल मद्धेशिया, मऊ


गणित के प्रश्न सबसे कठिन महसूस हुए। इतिहास के सवाल प्राचीन वाले ज्यादा आए थे। दो घंटे में 100 सवाल के लिए समय कम लगा। थोड़ा टाइम और देना चाहिए था।
- सतीश कुमार, मऊ


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पैराग्राफ व गणित के सवाल उलझाऊ रहे। कुछ सवाल समझ में ही नहीं आए तो छोड़ना पड़ा। सवालों को हल करने में समय का अभाव रहा।
- प्रतिभा यादव, बलिया
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