बीआरडी पीजी कॉलेज के नाम पर दर्ज भूमि का आवंटन निरस्त किए जाने से क्षुब्ध छात्र गुरुवार को सड़क पर उतर आए। पहले गोरखपुर-देवरिया और फिर हाटा मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम को हटवाने पहुंचे अफसरों से छात्रों की तीखी नोक-झोंक हुई। तमाम कोशिशों के बाद भी बात न बनने पर पुलिस ने लाठियां भांज कर छात्रों को सड़क से खदेड़ा। भगदड़ में कुछ छात्र घायल भी हुए। बाद में कलेक्टे्रट में डीएम ने छात्रों से वार्ता कर दस दिनों में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
बीआरडी पीजी कॉलेज के नाम पर वर्ष 1954 में देवरिया खास नगर बाहरी की खतौनी में 11.258 हेक्टेयर भूमि दर्ज की गई थी। इसी भूमि के आधार पर कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम के संचालन को मंजूरी मिली थी। कृषि की पढ़ाई के लिए हर वर्ष यहां दूरदराज से छात्र पहुंचते हैं। पिछले दिनों तहसील प्रशासन ने कॉलेज के नाम पर अंकित भूमि को निरस्त करते हुए पूर्ववत बंजर, खरह व जंगल के रुप में कर दिया है। इससे कॉलेज में कृषि की मान्यता खतरे में पड़ गई है।
कॉलेज के छात्र इससे आक्रोशित हैं। पिछले दिनों उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। तब उन्हें आश्वासन मिला था कि निरस्तीकरण की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। बावजूद कोई कार्रवाई न होने से गुरुवार को कॉलेज के छात्र-छात्रा सड़क पर उतर गए।
छात्र संघ अध्यक्ष जयसिंह यादव, महामंत्री रविशंकर नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व मेंं पहले कॉलेज गेट के सामने गोरखपुर-देवरिया मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पाकर पहुंचे एसडीएम रामकेश यादव ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इसके कुछ ही देर बाद छात्र देवरिया-हाटा मार्ग पर पहुंचे और पुरवा चौराहे के समीप इस मार्ग को भी जाम कर दिया।
एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एसडीएम रामकेश यादव, सीओ सदर वरुण कुमार मिश्र भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने छात्रों से वार्ता कर जाम खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में पुलिस ने लाठी भांज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। खुद को बचाने की कोशिश में कई छात्र गिरकर जख्मी हुए। उनका निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया।
एसडीएम ने छात्र संघ अध्यक्ष, महामंत्री सहित कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया। सभी को कलेक्ट्रेट ले जाया गया। यहां डीएम की मौजूदगी में वार्ता हुई। डीएम अमित किशोर ने छात्रों को आश्वस्त किया कि कॉलेज की मान्यता खत्म नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही इस मामले का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद छात्र वापस लौटे