पांच जूनियर स्कूलों में बनेंगे स्टूडेंट पुलिस कैडेट
प्रदेश के 327 स्कूलों में से जिले के पांच स्कूलों का हुआ चयन
ड्रग एब्यूज, बाल यौनाचार व अन्य गंभीर अपराधों के प्रति छात्र होंगे जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिले के पांच उच्च प्राथमिक स्कूलों के छात्रों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अंतर्गत यहां के छात्रों को ड्रग एब्यूज, बाल यौनाचार तथा अन्य गंभीर अपराध एवं बुराइयों के खिलाफ किशोरावस्था के विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा कर रोकथाम करने में इनकी मदद ली जाएगी। साथ ही छात्र-छात्राओं को सुरक्षा एवं शांति के प्रति जागरूक कर उनमें आत्मबल पैदा किया जाएगा। योजना के संचालन में शिक्षा के साथ ही पुलिस विभाग की सबसे प्रभावी भूमिका होगी।
योजना के बेहतर संचालन के लिए जनपदस्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन पहले ही कर लिया गया है। इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष तथा पुलिस अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक की ओर से नामित पुलिस उपाधीक्षक स्तर के नोडल अधिकारी इसके सदस्य हैं। जिले के गौरीबाजार क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय इन्दुपुर, भलुअनी के खुखुंदू, सलेेमपुर क्षेत्र के मझौलीराज, पथरदेवा क्षेत्र के बंजरिया, तरकुलवा क्षेत्र के जूनियर विद्यालय तरकुलवा का चयन इस योजना के लिए किया गया है। यहां छात्र-छात्राओं की अधिक संख्या होने के चलते इन स्कूलों का नाम भेजा गया था। योजना के संचालन को बीएसए ने सभी विकास खंडों से अधिक नामांकन वाले 10-10 स्कूलों की सूची मांगी थी। इन सूची से इन स्कूलों का चयन योजना के संचालन को किया गया है। बीएसए हर माह इस योजना के संचालन की निगरानी करेंगे। साथ ही प्रत्येक माह कम से कम एक स्कूल एवं डीआईओएस दो स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। पुलिस विभाग के थाना स्तरीय नोडल अधिकारी माध्यमिक व बेसिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य व विद्यालय के नोडल अधिकारी से संपर्क में रहेंगे। इस संबंध में शासन से प्रमुख सचिव अरविंद कुमार का पत्र भी डीएम के पास आ गया है। डीएम ने योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सीडीओ, डीआईओएस, बीएसए एवं प्रांतीय रक्षक दल के जिला अफसर को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बीएसए ओमप्रकाश यादव ने बताया कि योजना में जिले के पांच स्कूलों का चयन हुआ है। इसे यहां बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए जल्द ही नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।