ट्रेन के गेट पर तौलिया बांध कर बैठे यात्री
देवरिया। त्योहार, लगन के चलते बाहर से आए लोग वापस जाने में भी दुश्वारियां झेल रहे हैं। एक तो कई ट्रेनें निरस्त चल रही हैं। जो चल रही हैं, उनकी बोगियों में चढ़ पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आलम यह है कि जनरल व स्लीपर बोगियों के शौचालयों में भी यात्री जगह बनाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं। आरक्षण खिड़की से केवल वेटिंग टिकट ही मिल रहा है। इससे यात्रियों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। कई लोग खड़े-खड़े यात्रा करने के लिए मजबूर हैं।
सदर रेलवे स्टेशन पर शनिवार की दोपहर कुछ ऐसा ही दृश्य दिखा। पुणे-बनारस-गोरखपुर 2.45 बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर आई। यह ट्रेन 15 घंटे विलंब से पहुंची। गोरखपुर जाने वाले रमाशंकर ने बताया कि पुणे से ही ट्रेन लेट से चली। रास्ते में और लेट हो गई। ऐसे में 15 -16 घंटे बाद घर पहुंचना हो पाएगा।
2.55 बजे पर हटिया से गोरखपुर जाने वाली मौर्य एक्सप्रेस में लोकल यात्रियों की भीड़ ज्यादा रही। 3.20 बजे पर दरभंगा से नई दिल्ली जाने बिहार-संपक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस में जनरल बोगी में प्रवेश करने के लिए अन्य यात्रियों को जद्दोजहद करनी पड़ी। देवरिया से इस ट्रेन की सामान्य बोगी बिहार के ही यात्रियों से फुल दिखी। ऐसे में अन्य यात्री चढ़ पाने के लिए मिन्नतें करते दिखे। पहले से ही चढ़े कुछ यात्री तो दरवाजे के पास दोनों हैंडल पर गमछा बांध दिए थे, ताकि अन्य कोई न चढ़ पाए।
ट्रेनों के निरस्त होने से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
देवरिया सदर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनों के निरस्त होनेे से इधर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा भटनी जंक्शन से सीतामढ़ी -आनंद बिहार लिच्छवी एक्सप्रेस अप और डाउन, जयनगर -अमृतसर शहीद एक्सप्रेस अप और डाउन, समस्तीपुर-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस, छपरा इंटरसिटी एक्सप्रेस, बापूधाम एक्सप्रेस, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस आदि ट्रेनें निरस्त चल रही हैं। जबकि छपरा मथुरा एक्सप्रेस और गोदान एक्सप्रेस भटनी से चलाई जा रही है।
कई ट्रेनों के निरस्त होने से अन्य ट्रेनों पर दबाव ज्यादा हो गया है। बिहार से आने वाली ट्रेनों में भीड़ ज्यादा है। सदर रेलवे स्टेशन से होकर दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनें अपनी जगह से ही भरकर आ रही हैं। -इमामुद्दीन अंसारी, स्टेशन अधीक्षक देवरिया सदर