24 घंटे से बिजली गुल, धान की फसल डूबी, किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। क्षेत्र में शुक्रवार से शुरू हुई तेज हवा और मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया हैं। कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। इससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। शनिवार को करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
लगातार बारिश से गांव की गलियां और खेत जलमग्न हो गए हैं। धान की पकी फसल पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सड़कों पर पेड़ उखड़ने और रेलवे के अंछरपास में पानी भर जाने से भटनी-भरथुआ मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
भटनी नगर व आसपास के इलाकों में शुक्रवार से तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई, जो शनिवार को भी पूरे दिन रुक-रुक कर होती रही। तेज हवा के कारण बाईपास रोड हतवा, मिश्रौली दीक्षित, भिंगारी मोड़, खोरीबारी रामपुर, भरहेचौरा, बलुआ अफगान, नोनापार आदि जगहों पर पुराने पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे सड़क मार्ग भी बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने पेड़ काटकर आवागमन सुगम कराया।
वहीं तार टूटने और खंभे गिरने से पूरे क्षेत्र में अंधकार छा गया। करीब 24 घंटे से क्षेत्र में बिजली गुल है। बड़ी मात्रा में खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बहाल होने में दो-तीन दिन का समय लगने की बात कही जा रही है। इसके अलावा लगातार बारिश से क्षेत्र में धान और सब्जियों की खेती को नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि अभी धान की बालियां पकने की अवस्था में थीं, लेकिन खेतों में पानी भर जाने से फसलें झुक गईं और नुकसान की आशंका गहरा गई है।
हालांकि, विलंब से होने वाले धान की फसल के लिए यह बारिश उपयोगी बताया जा रहा है। बिजली निगम के अवर अभियंता अमन कुमार ने बताया कि बड़ी मात्रा में खंभे और तार टूटने की जानकारी मिली है। बारिश बंद होने के बाद पेट्रोलिंग कर मरम्मत कार्य शुरू कराए जाएंगे।