कचहरी चौराहे पर नाराज वकीलों ने विरोध जताया।
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देवरिया। पुलिस और वकीलों की बीच की रार किसी से छिपी नहीं है। शुक्रवार को कचहरी जा रहे अधिवक्ता से पुलिस ने दुर्व्यवहार कर दिया। मामला जैसे ही कचहरी के में पहुंचा, सैकड़ों अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गए। डीएम, एसपी और एएसपी मुर्दाबाद के नारे लगाए, पुलिस चुपचाप तमाशबीन बनी रही। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस सड़क पर वकीलों को रोकेगी तो कचहरी में घुसने वाले पुलिसकर्मी पीटे जाएंगे।
विवाद के बाद अधिवक्ता आंदोलन का एलान कर दिया। डीएम और एएसपी की शिकायत मुख्य चुनाव आयोग से की गई है। शुक्रवार की सुबह सवा दस बजे के करीब बार के पूर्व उपाध्यक्ष सच्चिदानंद मिश्र कचहरी जा रहे थे। शिवमंदिर के सामने बैरिकेडिंग का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि मौके पर मौजूद दरोगा ने अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार भी किया।
पुलिसकर्मी से नोकझोंक होने के बाद अधिवक्ता कचहरी पहुंचे और साथियों को विवाद की जानकारी दी। इस पर सैकड़ों अधिवक्ता लामबंद होकर सड़क पर आ गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कचहरी चौराहे पर दूसरे लेन को भी रोक दिया, इससे जाम लग गया। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह पहुंचकर शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन दोनों तरफ से बहस तेज हो गई। कोई भी पक्ष एक दूसरे की नहीं सुन रहा था। एएसपी ने जब दुर्व्यवहार से इन्कार किया तो अधिवक्ताओं ने कहा कि आंदोलन होगा और पुलिस पीटेगी, इस बार लड़ाई और तेज होगी।
नाराज अधिवक्ताओं के तेवर देेख फोर्स पीछे हो गई। मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। पूरे मामले में पुलिस प्रशासन ने चुप्पी साध ली। उधर, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने एक बैठक की, जिसमें बदसलूकी की निंदा की गई। अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने मामले की शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त से की है।
उन्होंने बताया कि एएसपी एनके सिंह, डीएम अनिता श्रीवास्तव की ओर से न्यायालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कचहरी चौराहे पर अवरोधक लगवाकर न्यायिक अधिकारियों को आने जाने से रोका गया। सचिव मनोज मिश्र ने बताया कि प्रतिलिपि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को भी दी गई है।