देवरिया में पानी बचाओ महासंघ ने शराब बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने कहा कि शराब के सेवन से जन-धन की हानि हो रही है। इसके साथ ही आपस के रिश्तों में खटास आ रही है। 15 दिन में शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगी तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र एडीएम वित्त और राजस्व को दिया।
संगठन के कार्यकर्ता सोमवार को विजय जुआठा, गायत्री देवी और धरमी देवी की अगुवाई में हनुमान मंदिर के समीप एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कोऑपरेटिव चौक होते हुए कलेक्ट्रेट में पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। विजय जुआठा ने कहा कि शराब पीने से समाज में बुराइयां बढ़ती जा रही है। आपस के संबंध प्रभावित हो रहे हैं। भाई-भाई का दुश्मन होता जा रहा है। बीवी और बच्चों से दूरियां बढ़ती जा रहीं हैं।
ऐसे में शराब मुक्त समाज की स्थापना बेहद जरूरी हो गया है। बिहार की तर्ज पर प्रदेश में भी शराब की खरीद और बिक्री पर रोक लगाई जाए। वहीं शराब से मरने वालों के परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी की व्यवस्था हो। धरना को रीता भारती, अहमदी बेगम, शैला देवी, ऊषा देवी, यशोदा देवी, मीरा देवी, कुंती देवी, रमावती, सुगंधी देवी, प्रतिभा देवी आदि ने संबोधित किया।
‘शराब की बिक्री पर रोक लगाए सरकार’ः देवरिया। जिला महिला कांग्रेस ने शराब बंदी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि ईंट भट्ठों पर शराब बनाई जा रहा है। इसके चलते गांव के लोग असमय काल कवलित हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को दिया। महासचिव मालती गुप्ता की अगुवाई में कार्यकर्ता सोमवार को विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। उनका कहना था कि शराब के सेवन से सैकड़ों परिवार अनाथ हो गए हैं। इस दौरान सुनैना मद्धेशिया, सोमारी देवी, श्रीजावती देवी, भवानी देवी, सुभावती, गुलाबी, मुटुरी देवी, राबिया, गेनिया गुप्ता आदि मौजूद रहीं।