देवरिया। जनपद के जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं या जिनके खिलाफ शिकायत हुई है, उनके प्रमाण पत्रों को एसटीएफ ने पुन: मांगा है। देवरिया समेत कुल 28 जिलों के ऐसे शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों को महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने संबंधित बीएसए को यह उपलब्ध कराने को कहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले 20 साल के अंदर हुई भर्तियों को लेकर जनपद लगातार शासन की रडार पर रहा है। पांच साल के अंदर अब तक यहां के 70 शिक्षकों को फजीवाड़े में बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। जुलाई माह में आई नई बीएसए ने अपने डेढ़ माह के कार्यकाल में ही दो शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्यवाही कर चुकी हैं। इधर 11 अगस्त को महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के एक आदेश ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर जनपद के विभिन्न विकास खंडों में नौकरी कर रहे शिक्षकों की नींद उड़ा दी है। पत्र में देवरिया समेत मथुरा, बलिया, संतकबीरनगर, प्रतापगढ़, जौनपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सुल्तानपुर, बस्ती, हमीरपुर, उन्नाव, गोंडा, बलरामपुर, आगरा, अलीगढ़, एटा, प्रयागराज, कौशांबी, मुरादाबाद, लखनऊ, रायबरेली, अंबेडकरनगर, सोनभद्र, गाजीपुर, बदांयू, ललितपुर जनपद के बीएसए को ऐसे शिक्षकों का पूरा रिकार्ड तलब कराने को कहा है। इसके अनुसार अपर पुलिस अधीक्षक लखनऊ एसटीएफ को इन जनपदों के कतिपय शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज, नियुक्ति से संबंधित समस्त प्रमाण पत्र एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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जो भी सूचनाएं मांगी गई हैं उसे एसटीएफ को उपलब्ध कराया जाएगा। पोर्टल पर यहां से केवल 48 शिक्षकों के ही बर्खास्तगी की सूचना प्रदर्शित होने के बाद यह हुआ है। जबकि यहां के रिकार्ड के अनुसार करीब 100 से अधिक फर्जी शिक्षकों पर कार्यवाही की जा चुकी है। इसमें कुछ पुराने मामले भी शामिल हैं।
....शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए